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आर्डिनेंस फैक्ट्रियों का निगमीकरण रक्षा कर्मियों का गला घोंटने वाला फैसला : समीर बाजपेई

 


सत्य स्वरूप संवाददाता 

कानपुर। आर्डिनेंस फैक्ट्रियों का निगमीकरण करने पर आमादा केंद्र सरकार द्वारा अपने बढ़ते तेज कदमों के तहत रक्षा कर्मियों को हड़ताल करने पर जेल भेजने का अध्यादेश लागू करने को ओईएफ फूलबाग कानपुर किला मजदूर यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष समीर बाजपेई ने इसे रक्षा कर्मियों का गला घोंटने वाला फैसला बताते हुए कानपुर की कॉंग्रेस नेत्री और गोविंद नगर की पूर्व विधानसभा प्रत्याशी करिश्मा ठाकुर सें पुनः अपील करते हुए कहा कि वे जल्द से जल्द , आर्डिनेंस फैक्ट्रियों  के निगमीकरण का मुद्दा कॉंग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी तक पहुंचाए।

   उन्होंनें कहा कि निगमीकरण के मुद्दे पर 21जून को किला मजदूर यूनियन द्वारा प्रियंका गाँधी को संबोधित ज्ञापन करिश्मा जी को पहले ही ओईएफ गेट पर  दिया जा चुका है़। वर्तमान केंद्र सरकार देश की  सुरक्षा को ताक पर रख कर आर्डिनेंस फैक्ट्रियों की जमीन  केवल पूंजीपतियों को सौंपने के लिए निगमीकरण की जिद पर उतारू है़। स्व.पं.जवाहर लाल नेहरू ने आर्डिनेंस फैक्ट्रियों की स्थापना सेना और देश की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए नो लॉस नो प्रॉफिट के तहत की थीं। उन्होनें कहा कि अध्यादेश के खिलाफ 8 जुलाई को सभी आर्डिनेंस फैक्ट्रियों के बाहर काले झंडों के साथ काला दिवस मनाया जाएगा। 

   देश की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंनें करिश्मा ठाकुर सें साथ ही यह भी निवेदन किया  कि वे स्वयम भी इस मुद्दे को जनता के बीच उठाने के साथ प्रियँका जी के समक्ष यह भी पक्ष रखें कि यदि केंद्र सरकार निगमीकरण का फैसला वापस नहीं लेती है़ तो 2024 में केंद्र में यदि कॉंग्रेस की सरकार बनी तो वह निगमीकरण को  रद्द कर आर्डिनेंस फैक्ट्रियों को पुनः रक्षा मंत्रालय के अधीन पहले की   तरह बहाल कर दिया जाएगा।

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