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उदासीनता के चलते पत्रकारो ने पदयात्रा करके उठायी अपने अधिकार की आवाज


पक्षपात एवं चाटुकारिता छोड़ राष्ट्रवादिता के सिद्धांतों को अपनाते हुए करनी होगी पत्रकारिता

मतभेद भुलाकर एकजुट होकर संघर्ष करने का लें संकल्प

जौनपुर ब्यूरो।  केंद्र एवं राज्य सरकार की पत्रकारों के प्रति उदासीनता के चलते आज पत्रकार बंधुओं को पदयात्रा करके अपने अधिकार की आवाज उठानी पड़ रही है पत्रकारिता जगत में विश्व गुरु का दर्जा प्राप्त भारत की जवाबदेही क्या होगी? अब यह बड़ा प्रश्न चिन्ह लग रहा है। पक्षपात एवं चाटुकारिता छोड़ राष्ट्रवादिता के सिद्धांतों को अपनाते हुए पत्रकारिता करनी होगी। भारतीय मीडिया फाउंडेशन या अन्य संगठनों एवं किसी भी प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े हुए पत्रकार का उत्पीड़न होने पर मतभेद भुलाकर एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लेना होगा।

भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक श्री ए के बिंदुसार जी का प्रतापगढ़ एवं जौनपुर में संगठन विस्तार को लेकर हुए  दौरे के दौरान पत्रकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से मुलाकात में उन्होंने पत्रकार बंधुओं से कहा कि देश प्रदेश में पत्रकारों के हो रहे उत्पीड़न के सवाल पर हमें एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है। 

उन्होंने कहा कि आज हम सभी को छोटे-छोटे संगठनों में बिखरे हुए होने के कारण कहीं भी कोई तवज्जो नहीं मिल रहा है हम सभी को पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के अधिकारों को लेकर एक महामोर्चा बनाना होगा उन्होंने समस्त पत्रकार संगठनों को एक  महामोर्चे में तब्दील होने की अपील की हैं। उन्होंने कहा कि पक्षपात एवं चाटुकारिता छोड़ राष्ट्रवादिता के सिद्धांतों को अपनाते हुए करनी होगी पत्रकारिता इसके लिए हम सभी को एकजुट होकर अपनी आवाज को बुलंद करने का संकल्प लेना होगा उन्होंने कहा कि चाहे किसी भी पत्रकार संगठन से जुड़ा हुआ पत्रकार हो या किसी भी प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़ा हुआ हो अगर उनके उत्पीड़न का मामला आता है तो भारतीय मीडिया फाउंडेशन सहित समस्त पत्रकार संगठनों को सड़क पर उतर कर आवाज बुलंद करना चाहिए जरूरत पड़ने पर धरना प्रदर्शन आदि भी करें। 

उन्होंने कहा कि हम सभी को सिर्फ खबरों के प्रकाशन तक सीमित नहीं रहना है हमें अपने अधिकारों को लेकर  आगे भी आना होगा इस देश में कुछ ऐसे लोग हैं जो पत्रकार समाज का इस्तेमाल अपने टीआरपी  के लिए करते हैं। वही लोग जब शासन सत्ता में जाते हैं तो पत्रकारों के अधिकार को दिलाने और उन्हें न्याय दिलाने की बातों को भूल जाते हैं पत्रकारों के स्वालंबन के लिए किसी भी तरह की कोई भी योजना लागू नहीं करते और ना ही विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हैं सिर्फ पत्रकारों का इस्तेमाल करते हैं।   इस पर हम सभी को निष्पक्ष पत्रकारिता की एक बड़ी लाइन खींचनी होगी।

उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस समय विभिन्न जनपदों में दौरा करके संगठन को मजबूत किया जा रहा है एवं क्रांतिकारी संघर्षशील पत्रकार बंधु एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को संगठन की प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपी जा रही है जिनके नेतृत्व में आने वाले समय में एक बड़े आंदोलन का आगाज किया जाएगा पत्रकार बंधुओं के अधिकार सम्मान सुरक्षा के सवाल पर देश के अंदर एक बहस छेड़ी जाएगी जिससे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मजबूत हो सके और भारत को सशक्त बनाया जा सके एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जा सके।

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