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आर्डिनेंस फैक्ट्रियों के निगमीकरण के विरोध में प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी

    अनवर अशरफ

 कानपुर। गुरुवार को ओईएफ फूलबाग कानपुर के मुख्य द्वार पर किला मजदूर यूनियन, इंप्लाइज यूनियन और ओईएफ मजदूर संघ के संयुक्त मोर्चे के तत्वाधान में प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया गया। इस दौरान संयुक्त मोर्चे के नेताओं ने केंद्र सरकार पर हल्ला बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार अब बिल्कुल निरंकुश हो गई है और जबरन अंग्रेजों की नीति पर चलते हुए सबकी जासूसी कराने के साथ सारे सरकारी प्रतिष्ठानों को समाप्त करने के साथ सबका दमन कर देश से लोकतंत्र को पूरी तरह खत्म करना चाहती है।जिसका ताजा उदाहरण है केंद्र की भाजपा सरकार की पोल खोलने पर दैनिक भास्कर अखबार और भारत चैनेल के दफ्तर पर इनकम टैक्स और आईटी की रेड। केंद्र सरकार की तानाशाही और पूंजीवादी नीति के चलते सबकी नौकरियाँ जा रही हैं। रक्षा के चौथे स्तंभ आर्डिनेंस फैक्ट्रियों का निगमीकरण कर केंद्र सरकार देश को फिर से गुलाम बनाने के साथ देश में फिर से जमीदारी प्रथा लागू करने को पूरी तरह से उतावली नजर आ रही है। सभी नेताओं ने एक स्वर में देश की जनता और सभी सरकारी विभागों के कर्मचारियो से केंद्र सरकार की तानाशाही के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। नेताओं ने कहा अगर अब भी लोग नहीं जागे तो देश में पूंजीपतियों का राज हो जाएगा। विरोध-प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से सिद्धनाथ तिवारी, समीर बाजपेई, पी.के. चटर्जी, संतोष मिश्रा, रामशंकर विश्वकर्मा, दीपक शुक्ला (बड़े), नीरज सिंह,अजीत दास, शिवकुमार पाल, जे. पी. शर्मा, काशी वर्मा, एहसान हुसैन, रवि द्विवेदी,संजय गुप्ता, प्रदीप शर्मा, रामकुमार,मनोज दीक्षित, राकेश कुमार, अनिल गौतम आदि मौजूद थे।

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