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बारिश होने से घाघरा किनारे बसे किसानों का हुआ लाखों का नुकसान, मेंथा की फसल हुई नष्ट

   सगीर अमान उल्लाह

   बाराबंकी। तहसील रामनगर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हेतमापुर ब्लॉक सूरतगंज के ग्रामीणों को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश के कारण घाघरा नदी के निकट रहने वाले हैं ग्रामीणों को हो रही अधिक परेशानी। किसी को झोपड़ी बनाकर रहना पड़ रहा है तो किसी को पड़ोसी के घर में। घाघरा नदी में हर साल बारिश के कारण बाढ़ आ जाती है जिससे घागरा नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीणों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि इस साल अधिक बारिश होने से नदी का जल भराव बढ़ गया जिससे उनकी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई। 2 हजार बिगहा से ज्यादा लोगों की मेंथा की फसलें तबाह बर्बाद हो गई।
   वहां के ग्रामीणों का कहना है कि जो भी फसलें तैयार करते हैं उसको आवारा पशु द्वारा नष्ट कर दिया जाता है उसको आवारा पशु नहीं छोड़ते उनके लिए गौशाला का होना अति आवश्यक है जिससे उनकी फसलें नष्ट होने से बचे। हर तरफ से ग्रामीण परेशान इस समय जल स्तर घटा हुआ है पहले से ज्यादा इस समय लोगों को नदी पार करने में 2 से 3 घंटे लगते हैं दूसरी तरफ से पुल बना है जोकि लगभग 50 किलोमीटर का फर्क पड़ता है अधिक दूरी होने के कारण लोग नाव से जाते हैं इधर पुल नहीं बना हुआ है ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुल बन जाए तो 100, 200 गांव का किसान आराम से रहे एवं शिक्षा के लिए 15 से 20 किलोमीटर तक जाना पड़ता है ग्रामीणों का कहना है यह पुल बन जाए तो इधर कॉलेज की स्थापना भी हो जाएगी जिसके कारण बच्चों को दूर शिक्षा के लिए नहीं जाना पड़ेगा।

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