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प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग आलोक कुमार ने सैफई के चिकित्सा विश्वविद्यालय का किया निरीक्षण

कोविड की तीसरी लहर से निपटने को तैयार सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी : डॉ रमाकान्त यादव  

सत्य स्वरूप संवाददाता

इटावा। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग आलोक कुमार ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (यूपीयूएमएस) का आकस्मिक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 (डा0) रमाकान्त यादव से विश्वविद्यालय द्वारा दिये जा रहे चिकित्सा सुविधाओं तथा कोविड-19 इलाज एवं प्रबन्घन के सम्बन्ध में व्यापक जानकारी ली। 

उन्होंने विश्वविद्यालय के चिकित्सकों, अधिकारियों एवं हेल्थ केयर वर्कर्स के साथ मरीजों से भी बात की। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग आलोक कुमार ने पीडियाट्रिक कोविड-19 अस्पताल, इमर्जेंसी ट्रामा, विश्वविद्यालय के अधीन निर्माणाधीन 500 बेडेड् सुपर स्पेशियलिटी सेन्टर तथा आक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 (डा0) रमाकान्त यादव, संयोजक कोविड एवं नॉन कोविड अस्पताल डा0 एस पी सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डा0 आदेश कुमार, कुलसचिव सुरेश चन्द्र शर्मा इमर्जेंसी प्रभारी डा0 सोमेन्द्र पाल सिंह, सहायक चिकित्सा अधीक्षक डा0 राहुल मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी उमाशंकर एवं जनसम्पर्क अधिकारी अनिल कुमार पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।

प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग आलोक कुमार ने अपने संक्षिप्त दौरे में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 (डा0) रमाकान्त यादव तथा कोरोना कमिटी के पदाधिकारियों से विश्व्विद्यालय द्वारा संभावित कोविड-19 की तीसरी लहर के मद्देनजर कोविड-19 प्रबन्धन पर विस्तार से चर्चा करने के साथ उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया। विश्वविद्यारल में उपलब्ध कोविड-19 बेड, पिडियाट्रिक कोविड-19 बेड, कोविड जॉच, दवायें, आक्सीजन एवं जरूरी उपकरण एवं पीपीई किट आदि पर संतोष व्यक्त किया। इसके अलावा 500 बेडेड् सुपर स्पेशियलिटी सेन्टर के निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग आलोक कुमार ने सुपर स्पेशियलिटी सेन्टर के निर्माण को जल्दी पूरा करने को कहा।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 (डा0) रमाकान्त यादव ने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग आलोक कुमार को बताया कि विश्वविद्यायल ने कोविड-19 की तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों के लिए डेडिकेटेड 100 बेडेड् पीआईसीयू जिसमें 50 बेड आईसीयू एवं 50 बेड् एचडीयू/आइसोलेशन के बना रखे हैं। जिसमें सामान्य कोविड संक्रमित बच्चों के साथ गंभीर रूप से कोविड संक्रमित बच्चों का इलाज किया जायेगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय में कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर मरीजों के इलाज हेतु जरूरी सभी दवायें, आक्सीजन आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज के साथ विश्वविद्यालय जरूरी इमर्जेंसी सेवायें भी जारी रखे हुए है।

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