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मुस्लिमों की तरक्की के रास्ते खोलेगा जनसंख्या नियंत्रण कानून : फैसल मलिक


जनप्रतिनिधियों को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए

  मोहम्मद रेहान

तिलोकपुर/बाराबंकी। जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू होने पर कुछ कथित पार्टियों के समर्थक जनता को गुमराह करके अपनी राजनीति को चमकाने में लगे हैं। जनसंख्या नियंत्रण कानून सभी पर लागू होगा तो इसमें इतना हो-हल्ला मचाने की क्या जरूरत है और कानून लागू होने से पहले जिन भी जनप्रतिनिधि के दो से अधिक बच्चे हो उनको नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। कानून का धरातल पर अमल तभी संभव होगा जब इसकी शुरूआत जनप्रतिनिधियों से होगी। उक्त विचार आल इण्डिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के जिला महासचिव फैसल मलिक ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही।

श्री मलिक ने आगे बताया कि कुछ नेता मुस्लिमां को आगे करके अपनी राजनीति को चमकाना चाहते हैं। उनको बताना चाहता हूँ कि जल व अन्य प्राकृतिक सम्पदा सीमित मात्रा में हैं जिनका लगातार दोहन हो रहा है। इसलिए निश्चित तौर पर उत्तर प्रदेश की सरकार ने बेहद सार्थक प्रयास किया है, जिसका लाभ लोगों को दस साल बाद मिलने लगेगा। देश के विकास के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून की वर्तमान में बहुत आवश्यकता है। इसके लागू होने से मौजूद प्राकृतिक सम्पदा को बचाया जा सकता है। दो बच्चे होने से परिवार का मुखिया उनकी उचित देखभाल व भरण पोषण करने में आसानी होगी। बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य की देखभाल सही ढंग से हो पायेगी। जिस तरह से यहां जनसंख्या बढ़ रही है. उससे ज्यादा समस्याएं पैदा हो रही हैं। इस नीति में नवजात मृत्युदर और मातृ मृत्यु दर में कमी होगी। 

यह कानून मुस्लिम समुदायं के लिए तरक्की के अवसर खोलेगा। इस कानून को आजादी के बाद लागू कर देना चाहिए था लेकिन लागू नहीं किया गया जिसका खामियाजा आज देश की जनता के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय भुगत रहा है। वर्तमान में कई देश की आबादी, उत्तर प्रदेश की जनसंख्या से भी कम है। 

इसको लेकर कुछ अल्पसंख्यक समुदाय के दुश्मन गलत बयान बाजी करके मुस्लिम समुदाय को भड़का रहे हैं। ऐसे नेताओं से जनता को होशियार रहने की जरूरत है, ऐसे नेताओं का मानसिक संतुलन सही करने के लिए चुनाव के समय ऐसी पार्टियों को बहिष्कार करना चाहिए। इस कानून का धरातल पर मूर्त रूप देने के लिए सबसे पहले दो से अधिक बच्चों वाले मौजूदा जनप्रतिनिधियों को आगे आना चाहिए और उनको नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा देकर नौजवानों को अवसर देना चाहिए।

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