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बारह सौ की नौकरी से महज 33 वर्ष में बन गया अकूल संपत्ति का मालिक, बेटे को भी दिलवाया राज्य मंत्री का दर्जा

कमिश्नरेट पुलिस की अब तक बड़ी कार्रवाई, ढाई सौ करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क

सचिन कुमार श्रीवास्तव

लखनऊ। 33 वर्ष पूर्व 1988 में 12 सौ रूपए महीने की नौकरी करने वाला अज़मत अली मात्र 33 वर्षो में देखते ही देखते अकूत सम्पत्ति का मालिक बन गया और पूर्व की सपा सरकार मे अपने पुत्र को राज्य मंत्री का दर्जा दिलाने मे भी कामयाब हो गया। अपराध के रास्ते अकूत सम्पत्ति के मालिक बने अज़मत अली और उसके पुत्र मोहम्मद इकबाल पर आज लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही करते हुए ढाई सौ करोड़ से भी ज़्यादा कीमत की सम्पत्ति को कुर्क कर लिया। पुलिस कमिश्नर डीके ठााकुर केे निर्देशन मे मड़ियाव पुलिस ने ग्राम घैला मड़ियाव निवासी अज़मत अली और उसके पुत्र मोहम्मद इकबाल के द्वारा अपराध का रास्ता चुन कर अर्जित की गई 2 सौ 54 करोड़ 45 लाख 2 हज़ार 951 रूपए कीमत की सम्पत्ति को कुर्क किया गया । इस सम्पत्ति में स्कूल कालेजो की ज़मीनो बैंको मे जमा धनराशि और अपराध के रास्ते से कमाई गई दौलत से ट्रस्ट और खुद के नाम खरीदी गई कई लग्ग्ज़री गाड़िया शामिल है। 

अपराध के रास्ते बनाये अरबों

अज़मत अली और मोहम्मद इकबाल के खिलाफ आज हुई कुर्की की बड़ी कार्यवाही से ये साबित हो गया कि साधरण परिवार में जन्म लेकर अपराध का रास्ता चुन कर जमा की गई सम्पत्ति एक न एक दिन सरकार जब्त कर ही लेती है और कानूनी कार्यवाही के सामने अपराधी के बचने के सारे रास्ते बन्द हो जाते है । लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने भारी पलिस फोर्स की मौजूदगी मे आज कुर्की की अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही करते हुए कुर्की की ऐतिहासिक कार्यवाही कर डाली। कुर्की की कार्यवाही की ज़द मे आए अज़मत अली के खिलाफ मड़ियाव थाने मे गम्भीर धाराओ के तहत आठ मुकदमे और मोहम्म्द इकबाल के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज है। पुलिस के अनुसार साधारण परिवार मे जन्म लेने वाले अज़मत अली का सुसंगठित गिरोह है जिसका गैंग लीडर खुद अज़मत अली है और इसके गिरोह मे अन्य लोगो के अलावा इसका अपना पुत्र इकबाल भी है । 

क्या कहती है पुलिस

पुलिस के अनुसार अपराध के रास्ते से अकूत सम्पत्ति के मालिक बने अज़मत अली ने सबसे पहलें शिवपुरी मे एक छोटा सा स्कूल खोला था वर्ष 1995 में कैरियर कान्वेन्ट एजुकेशनल एन्ड चैरिटेबिल ट्रस्ट का निर्माण सार्वजनिक रास्ते चकरोड की ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा कर बनाया फिर ट्रस्ट से अर्जित किए गए पैसो से अवैध रूप से 1998 से 2000 के बीच कैरियर कान्वेन्ट कालेज बनाया गया इसके बाद उसी क्रम में अर्जित धन से 2007 में कैरियर इन्स्टीटयूट आफ मेडिकल साईसेज़ एन्ड हास्पिटल की बिल्डिंग नेशनल हाईवे से मिला कर बना कर चालू की गई। पुलिस के अनुसार अभियुक्त अज़मत अली के द्वारा सार्वजनिक स्थान चकरोड व खाता सख्या 483 नवीन परती को अवैध रूप से समाहित करते हुए ट्रस्ट का निर्माण कराकर उपरोक्त सार्वजनिक स्थान चकरोड व खाता संख्या 483 नवीन परती सार्वजनिक सम्पत्ति पर स्थित ट्रस्ट का प्रयोग करके 2 अरब 54 करोड़ 45 लाख 2 हज़ार और 951 रूपए अर्जित किए गए । पुलिस के अनुसार जब्त की गई सभी सम्पत्ति अपराध से अर्जित की गई सम्पत्तियां हैै क्योंकि अज़मत अली और इकबाल के पास आय के कोई और स्त्रोत नही है। बताया जा रहा है कि बड़ी कुर्की की कार्यवाही की ज़द मे आए अज़मत अली और उसके पुत्र मोहम्मद इकबाल के नाम और भी बेनामी सम्पत्तिया हो सकती है जिनकी जाॅच लगातार जारी है। बताया जा रहा है कि कुर्की की कार्यवाही की ज़द मे आकर अपराध के रास्ते से एकत्र की गई दौलत और सम्पत्ति गवां चुके अज़मत अली के पुत्र इकबाल की काली करतूते भी जग जाहिर हो चुकी है। 

सपा सरकार में इकबाल ने पार कर दी थी हद

इकबाल सपा की सरकार मे राज्य मंत्री का दर्जा पाया था तब इसने अपनी दबंगई की सारी हदे पार कर दी थी इकबाल के द्वारा न सिर्फ टोल प्लाज़ा पर दबंगई की गई थी बल्कि अपने रसूक का प्रर्दशन करते हुए फायरिंग भी की गई थी इसके अलावा भी कई घटनाओ मे इकबाल की दबंगई जग जाहिर हो चुकी है । नख्खास स्थित इकबाल के अलीशान मकान पर भी चैक पुलिस कार्यवाही की तलवार चला चुकी है। यही नही कैरियर डेन्टल कालेज की एक छात्रा द्वारा कई वर्ष पूर्व की गई आत्महत्या भी चर्चा का विषय बनी थी छात्रा के द्वारा की गई आत्महत्या के मामले मे भी इकबाल का नाम सामने आया था । प्रदेश मे योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद से ही मामूली इन्सान से अपराध का रास्ता चुन कर अरब पति बने इकबाल और उसके पिता अज़मत पर कार्यवाही की तलवार लटक रही थी और अपराधी पिता पुत्र पर आज कार्यवाही की तलवार चल गई।

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