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कानपुर : आर्डिनेंस फैक्ट्रियों को लेकर केंद्र सरकार की नियत ठीक नही : समीर बाजपेई

  सत्य स्वरूप संवाददाता

  कानपुर। 16 जून को केंद्र सरकार द्वारा 41 आर्डिनेंस फैक्ट्रियों को 7 कॉरपोरेट कंपनियों में तब्दील करने के फैसले को ओईएफ फूलबाग कानपुर किला मजदूर यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष समीर बाजपेई ने आर्डिनेंस फैक्ट्रियों का अस्तित्व समाप्त करने के साथ रक्षा कर्मियों का गला घोंटने वाला बताया। समीर बाजपेई ने कहा कि केंद्र सरकार की नियत आर्डिनेंस फैक्ट्रियों को लेकर शुरू से ठीक नहीं है। केंद्र सरकार की नजर आर्डिनेंस फैक्ट्रियों की जमीनों पर है। वह निगमीकरण कर सारी जमीन पूंजीपतियों को सौंपना चाहती है। 

  पूर्व के रक्षा मंत्रियो स्व. जार्ज फर्नांडीज, स्व. मनोहर परीकर, स्व. प्रणव मुखर्जी से लेकर ए. के. एंटोनी ने आर्डिनेंस फैक्ट्रियों को रक्षा उत्पादन में अधिक से अधिक सुदृढ़ और मजबूत बनाने में जोर दिया था। न कि पूंजीपतियों के इशारे पर निगमीकरण कर आर्डिनेंस फैक्ट्रियों का अस्तित्व समाप्त करने की योजना बनाने के बारे में। समीर बाजपेई ने कहा कि आर्डिनेंस फैक्ट्रियों का 219 वर्षों का इतिहास है। ये वही आर्डिनेंस फैक्ट्रियां हैं, जिन्होनें 1962,1965,1971 और 1999 के कारगिल युद्घ में देश की सेना को सैन्य-साजों सामान समय  पर उपलब्ध कराकर देश की सीमाओं और सम्मान की रक्षा की थी। लेकिन केंद्र सरकार जिस तरह से इनका अस्तित्व समाप्त करने पर तुली है। वह निश्चय ही देश की सेना और सुरक्षा के लिए बहुत ही घातक कदम सिद्ध होगा। किला मजदूर यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष समीर बाजपेई ने कहा कि महासंघों के आह्वान पर शीघ्र ही निगमीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी की जाएगी और 18 जून सें निर्माणी गेट पर संयुक्त मोर्चे के तत्वाधान में विरोध-प्रदर्शन व नारेबाजी की जाएगी। निगमीकरण का फैसला किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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