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दिन हो या रात इनसे करिए बात, चौबीस घंटे मीडिया सेल है आपके साथ

दिन हो या रात इनसे करिए बात, चौबीस घंटे मीडिया सेल है आपके साथ

  सेल के वो सलहस्वार, जिन्होंने निभाये दायित्व साकार

    निखिल बाजपेई

  लखनऊ। वैसे तो अक्सर ही तमाम पुलिसकर्मियों के नेक कार्यों और उनके समर्पण की भावना आप सुनते ही रहतें होंगें। लेकिन यूपी पुलिस में कुछ ऐसे छिपे चेहरे भी है जो महकमे के लिए नायाब हीरे की तरह हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों की बदौलत ही समाज मे सामंजस्य व पुलिस मित्र का सत्यार्थ उदाहरण स्थापित होता है। हम बात कर रहे है उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की कमिश्नरेट पुलिस का मीडिया सेल कार्यभार संभालने वाले आरक्षी जितेंद्र सिंह की। मूलतः शाजहाँपुर के रहने वाले जितेंद्र सिंह 2005 बैच के सिपाही हैं। जितेंद्र के अनुसार लगभग सात वर्षों से वह मीडिया सेल की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। 

सोशल मीडिया पर हर वक्त एक्टिव

प्रधानमंत्री नारेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के इरादों के मद्देनजर देखा जाए तो जीतेन्द्र सिंह इसमें सबसे आगे हैं। मौजूदा वक्त में लखनऊ कमिश्नरेट के विभिन्न जोन में होने वाली घटनाओं पर मीडिया सेल का जो त्वरित रिस्पॉन्स मिलता है वह जीतेन्द्र की ही देन है। भले ही हम और आप चौबीस घंटे में कभी आराम करते हों लेकिन जितेंद्र चौबीस घंटे एक्टिव नजर आते हैं। घटनाओं की पुष्टि में भले ही थानों के प्रभारी थोड़ा लेट हो जाएं लेकिन जितेंद्र अक्सर ही घटनाओं से पत्रकारों व आला अफसरों को सोशल मीडिया पर अवगत कराते रहते हैं। 


माँ ने बनाया मुझे देश का सिपाही

हमारे प्रतिनिधि से बात करते हुए आरक्षी जीतेन्द्र ने बताया कि वे जब महज कक्षा छः के छात्र थे तभी उनके पिता का निधन हो गया। जिसके बाद पूरी जिम्मेदारी उनके बड़े भाई व माँ कांति देवी पर आ गयी। बड़ा भाई जॉब लेस था और इधर जितेंद्र के मन मे अक्सर दो सितारे लगे पुलुसकर्मियो को देख खाकी का सिपाही बनने के ख्वाब पल रहे थे। बड़े भाई ने जॉब लेस होने के बावजूद काँधे से काँधा मिलाया, बूढ़ी कांति ने अपने आँचल को फैलाया और जीतेन्द्र आज देश के सबसे बड़े प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अग्रणी भूमिका दिखा रहे हैं।

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