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किसानों ने कृषि बिल की प्रतियां जलाकर जताया विरोध

किसानों ने कृषि बिल की प्रतियां जलाकर जताया विरोध


मो इमरान

  मसौली,बाराबंकी। नए कृषि अध्यादेश के 1 वर्ष पूर्व होने के  उपरांत तीनों कृषि काले कानून की प्रतियां जलाते हुए ज्ञापन देने को भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय आवाहन पर माननीय महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी को संबोधित ज्ञापन विकासखंड मसौली चौराहे पर तहसील अध्यक्ष मोहम्मद रियाज की अगुवाई में द्वारा क्षेत्रीय दरोगा धनीराम वर्मा थाना मसौली जी को दिया गया।

इस अवसर पर मोहम्मद रियाज ने कहा आज तीनों कृषि काले कानून का प्रस्ताव पास होने का 1 वर्ष पूर्ण हो चुका है तथा किसान दिल्ली के बॉर्डर पर उक्त कृषि काले कानूनों का विरोध करते हुए  एम एस पी को कानून बनाने को लेकर आज भी धरना दे रहे हैं यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है जो देश कृषि प्रधान देश हो और कृषकों को अन्य दाता का सम्मान दिया जाता हो उस देश में अन्नदाता को रोडो पर बैठकर आंदोलन करना पड़े और अपनी ही खेती तथा कृषि को बचाने के लिए सरकार से मांग करनी पड़े इससे बड़ा और दुर्भाग्य क्या हो सकता है यह सरकार के लिए शर्मनाक है इसका घमंडी सरकार का काला चेहरा सामने आया है जो किसानों से टकरा रही है राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं उपाध्यक्ष माननीय राकेश टिकैत जी ने साफ तौर पर कह दिया है रोटी को हम तिजोरी की जीनत बनने नहीं देंगे और गरीबों के पेट को काटने नहीं देंगे जिसके लिए भारतीय किसान यूनियन आखरी सांस तक लड़ती रहेगी पूरे देश का किसान माननीय उपाध्यक्ष जी के साथ खड़ा है।

इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष मसौली इरफान अली उर्फ गोविंदा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा माननीय चौधरी साहब के आदेश का साक्षर पालन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से आदेश प्राप्त हुआ विकासखंड मसौढ़ी से दिल्ली के लिए जनसैलाब कुछ करेगा तीनों कृषि काले कानूनों का वापिस होना सिर्फ भारतीय किसान यूनियन के लिए ही नहीं समस्त जनमानस के लिए और देश के लिए महत्वपूर्ण है चौधरी साहब किसान ही नहीं समस्त जन मानस की लड़ाई लड़ रहे हैं और जनमानस चौधरी साहब के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा है राष्ट्रीय वाहन के आदेश पर भारतीय किसान यूनियन ब्लाक मसौली द्वारा ज्ञापन देकर विरोध जताया जा रहा है यदि वक्त रहते सरकार ना समझी तो गली-गली कुचा कुचा आंदोलन होगा और वह स्थित अति गंभीर होगी इसलिए समय है सरकार को किसानों की बात मान लेनी चाहिए।

वहीं पर तौहीद खान ने कहा हम सब भारतीय किसान यूनियन के सिपाही हैं और माननीय टिकैत जी सदैव किसानों के साथ साथ आम जनता की आवाज बुलंद करते हैं जितना नुकसान तीनों किसी काले कानूनों से किसानों का है उससे कहीं ज्यादा नुकसान आम गरीब मजदूरों का है यह लड़ाई सिर्फ किसानों की नहीं देश की एक-एक नागरिक की है जो रोज कमाता और खाता है जैसा कि चौधरी साहब ने कहा है रोटी को तिजोरी में बंद नहीं होने देंगे किसान अन्नदाता है और सब के लिए अनाज पैदा कर पूरे देश का पेट पालने का काम करता है इसके पश्चात भी या घमंडी सरकार कृषि काले कानून वापस लेना नहीं चाहती है जिससे साफ जाहिर होता है कि केंद्र सरकार की मंशा कैसी है केंद्र सरकार किसान विरोधी ही नहीं जनविरोधी है सभी  गरीब मजदूरों को सामने आना चाहिए और आदरणीय चौधरी साहब के कंधों को मजबूत कर इस लड़ाई में शामिल होना चाहिए हम सभी अपील करते हैं भारतीय किसान यूनियन को ही नहीं सभी के आने से देश को मजबूती मिलेगी और इस घमंडी सरकार को सबक सिखाने का मौका मिलेगा।

इस अवसर पर तहसील उपाध्यक्ष मेराज अहमद उर्फ बबलू खान, ब्लॉक अध्यक्ष महिला शांति देवी,ब्लॉक संगठन मंत्री यदुनाथ यादव, संजय यादव, अहमद वारिस अंसारी, मोहम्मद जावेद, संतोष नाग, हरिश्चंद्र कश्यप, हसीब साईं आदि दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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