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सरकारी नौकरी का झाँसा देकर हड़प लिए एक करोड़ चालीस लाख

सरकारी नौकरी का झाँसा देकर हड़प लिए एक करोड़ चालीस लाख


सत्य स्वरूप न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। जालसाजों ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कुछ लोगों से 1.40 करोड़ रुपये ऐंठ लिया। नौकरी न लगने पर जब उनसे पैसों की मांग की गई तो दबंगों ने उसका अपहरण कर लिया। उसकी इतनी पिटाई की कि पैर की हड्ी टूट गयी। मेदांता अस्पताल में उसका इलाज चल ही रहा था कि दबंग उसके घर में घूस कर उसका लैपटाॅप, मोबाइल और घर का सामान उठा ले गये। लौपटाॅप में मौजूद कुछ पुरानी तस्वीरों व वीडियो को आधार बनाकर कर पीड़ित को लगातार ब्लैकमेल किया जा रहा है। पीड़ित की माने तो उसने इसकी शिकायत सीएम से लेकर पीएम तक की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मामला राजधानी के जानकीपुरम थाना क्षेत्र से जुड़ हुआ है। 647एफ/482 शिवविहार जानकीपुरम् वाले रावेन्द्र कुमार पुत्र लाल बहादुर रियल स्टेट कारोबारी हैं। रावेन्द्र ने बताया कि बीते 6 अप्रैल 2019 को उनकी मुलकात अंशुमान श्रीवास्तव से हुई। अंशुमान ने रावेन्द्र को बताया कि वह राइजिंगस्टार सल्यूशन कंपनी के जरिए लोगों को सरकारी नौकरी लगवाता है। ग्राम विकास अधिकारी, स्टेट बैंक, स्वास्थ्य विभाग, पीडब्लूडी, एम्स दिल्ली, रेलवे में उसकी अच्छी पैंठ है। कई बार मिलने जुलने से उसका विश्वास बढ़ा तो रावेन्द्र ने अपने जान पहचान वालों को नौकरी के बारे में बताया। रावेन्द्र ने अपने परिचित राकेश राठौर, अनिल कुमार यादव, मुनेन्द्र सिंह राजपूत, श्यामदेव यादव, अनुज कुमार यादव, अवधेश कुमार यादव, आनंद स्वरूप वर्मा, कृष्णा वर्मा व शिवमुनी राम से कूल 1 करोड़ 40 लाख रुपये अंशुमान को विभिन्न विभाग में नौकरी लगवाने के एवज में दिये। आरोप यह भी है कि अंशुमान श्रीवास्तव ने अपने शातिर दिमाग का इस्तेमाल करते हुए रावेन्द्र के खाते से भी पैसे निकाले। काफी दिनों तक लोगों को नौकरी नहीं मिली तो रावेन्द्र से लोग तगादा करने लगे। इसी बीच रावेन्द्र का लैपटाॅप खराब हो गया। अंशुमान ने झांसे में लेकर उसका लैपटाॅप भी लिया। पासवर्ड हासिल कर अंशुमान ने रावेन्द्र के लैपटाॅप से कुछ तस्वीरें और वीडियो क्लीप हासिल कर ली। रावेन्द्र ने बताया कि शादी से पहले उसकी एक महिला मित्र थी। जो वर्तमान में एक पीसीएसी अधिकारी है। उसने इसी तस्वीर और फोटो को आधार बनाकर उसे ही ब्लैकमेल करने लगा। रावेन्द्र का आरोप है कि 30 अक्टूबर 2020 को जब वे अपने घर पर मौजूद थे। तब अचानक अंशुमान श्रीवास्तव, परविन्दर कौर, शिवकुमार श्रीवास्तव उसके घर में घुसे और जबरन गाड़ी में बैठा लिया। रावेन्द्र की पत्नी और 15 माह का बेटा है। दबंगों ने पत्नी और बच्चों को जान से मार देने की धमकी दी।

अपहरण कर की पिटाई

दंबग उसका अपहरण कर अज्ञात स्थान पर ले गये जहां उसको मारपिटा। दबंगों ने मारपिट कर रावेन्द्र के दोनों पैरों की हड्डी तोड़ दी। वहां से बच कर किसी तरह वह 2 नबंर को भाग निकाला। रावेन्द्र की माने तो वह सबसे पहले मेदांता अस्पताल में भर्ती हुआ। जहां वह 13 दिसंबर तक भर्ती रहा। इस बीच दंबग फिर उसके घर गये और उसके घर से कई सामान उठा ले गये। रावेन्द्र का कहना है कि वह महिला मित्र की बदनामी, और अपने पत्नी और बच्चों के कारण इतने दिनों तक चुप रहा। लेकिन दबंग उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहे हैं। रावेन्द्र ने पुलिस कमीश्नर से न्याय की गुहार लगायी है।

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