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हत्याओं और चोरी की घटनाओ का खुलासा करने वाला "बादल" नही रहा

    संवाददाता

   जौनपुर। शुक्रवार को पुलिस डॉग बादल ने पुलिस लाइंस में अंतिम सांस ली। बादल ने जौनपुर में हुई कई हत्याओं और चोरी की घटनाओं के खुलासे में अहम योगदान दिया था पिछले कई दिनों से ज्यादा उम्र होने के कारण बादल बीमार भी चल रहा था बादल के द्वारा घटनाओ में खुलासे की चर्चा पूरे जिले में मशहूर थी जौनपुर में पुलिस डॉग स्क्वायड यूनिट की शुरुआत बादल और एक्सेस से शुरू हुई थी इन दोनों पुलिस डॉग सीबीसीआईडी की यूनिट चलाया गया था । डॉग हैंडलर मनोज यादव बादल को मध्य प्रदेश के बीएसएफ यूनिट में ट्रेनिंग दी थी 22 जुलाई 2007 को जन्मे बादल ने उत्तर प्रदेश के अपने बैच में सबसे ज्यादा उम्र जीने वाला रहा।  

28 लाख की चोरी के खुलासे में डाग स्क्वायड के "बादल" का अहम रोल रहा .... उसके बेहतरीन काम के पूर्व एसपी हैपी गुप्तन ने उसे कोल्ड जैकेट और तमाम संसाधन मुहैया कराया उपलब्ध करवाया था। 

  शुक्रवार को बादल के निधन के बाद उसे पुलिस लाइंस में ही डॉग स्क्वायड भवन के सामने सम्मान पूर्वक दफनाया गया।

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