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रामसनेहीघाट मस्जिद तोड़े जाने को लेकर भाकपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशाशन की मंशा पर उठाए सवाल

रामसनेहीघाट मस्जिद तोड़े जाने को लेकर भाकपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशाशन की मंशा पर उठाए सवाल

  ब्यूरो सगीर अमान उल्लाह

   बाराबंकी। तहसील रामसनेहीघाट स्थित गरीब नवाज मस्जिद को अविधिक तरीके से तोड़े जाने के मामलें को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्य कौंसिल सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता रणधीर सिंह सुमन, जिला सचिव बृजमोहन वर्मा, कोषाध्यक्ष प्रवीण कुमार नें संयुक्त रुप सें देवा रोड़, गांधी भवन में प्रेस वार्ता के दौरान भाकपा राज्य कौंसिल सदस्य श्री सुमन ने बताया कि तहसील रामसनेहीघाट तहसील वाली मस्जिद को अन्तर्गत धारा 133 दण्ड़ प्रक्रिया संहिता सीआरपीसी के आदेश के तहत अधिकारों का प्रयोग करते हुये पुलिस से गिरवा दिया। 

    सीडीएसयूपी एकेड़मी आफ एड़मिनिस्टेªशन नैनीताल की गाइड़ लाइन के अनुसार सीधी भर्ती से आये केवल वही आईएएस/पीसीएस प्रशासनिक सेवा के अधिकारी उपखण्ड़ के भार साधक कलेक्टर अथवा परगनाधिकारी नियुक्त किये जा सकते है। जिन्होने कम से कम तीन माह की सेवा पूरी कर ली हो व विभागीय परीक्षा का प्रथम भाग सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर लिया हो। इसके बावजूद कुछ जिलों में ऐसे अधिकारियों को भी परगनाधिकारी अथव अतिरिक्त परगना अधिकारी एडीशनल सब डिवीजनल आफिसर नियुक्त कर दिया जाता है। जो केवल सहायक कलेक्टर द्वितीय श्रेणी में है। ऐसी नियुक्ति विधिक नही है। और यदि ऐसे नियुक्त किये गये अधिकारियों द्वारा किसी वाद में अथवा न्यायिक कार्य में कोई आदेश पारित किया जाता है। जिसके लिये वह सक्षम नही थे। तो यह आदेश शून्य होगा। 

   प्रेस वार्ता में जिला सचिव श्री वर्मा ने कहा कि बीती 30 मई 2021 कों भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी नें पर्सनल एण्ड़ टेªनिंग विभाग को प्रशिक्षु आई0ए0एस0 तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्टे रामसनेहीघाट दिव्यांशु पटेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जिस पर आईएएस मिस नीला मोहनन को जांच सौपी गई भाकपा पदाधिकारियों ने कहा इस तरह की कार्यवाहिया प्रशिक्षण काल के दौरान कोई करता है तो विधि के शासन का अन्त शुरु हो गया है। इस तरह की मनोवृत्ति देश की अखण्ड़ता व एकता के लियें खतरा है।

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