Subscribe Us

कर विभाग का फर्जी असिस्टेंट कमिश्नर हुआ गिरफ्तार,स्विफ्ट डिजायर कार पर निली बत्ती व अशोक लाट लगाकर गांठता था रौब

  सूरज गौतम

   लखनऊ। पीजीआई पुलिस ने गुरुवार को वाहन चेकिंग के दौरान स्वीफ्ट डिजायर कार मे निली बत्ती भारत सरकार का अशोक स्तंभ लगा देख गाड़ी रोका तो पीछे बैठे युवक ने अपना परिचय वाणिज्य कर विभाग का सहायक आयुक्त बता पुलिस पर रौब गांठने लगा I शक होने पर पुलिस ने गहनता से छानबीन की तो युवक के पास से बरामद आईं कार्ड फर्जी निकला I पुलिस ने गिरफ्त मे आये शातिरो पर जालसाजी व महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया हैं I

   पीजीआई कोतवाली प्रभारी ए पी शुक्ला ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि वृन्दावन द्वार के निकट नहर पुलिया के पास चेकिंग अभियान दौरान हिमालन इन्क्लेव की ओर से निली बत्ती एवं भारत सरकार का अशोक स्तंभ लगा स्वीफ्ट डिजायर कार को देख रोका गया तो कार मे पीछे बैठे युवक ने अपना परिचय वाणिज्य कर विभाग का सहायक आयुक्त के रूप मे दिया I जिस पर परिचय पत्र मांगा गया तो कुटरचित से बना आईं कार्ड दिखाने लगा I आशंका होने पर कार सवार व चालक को थाने पर ले जाकर कड़ी पुछताछ के बाद गहनता से छानबीन किया गया तो शातिर फर्जी साबित हुआ हैं I जिस पर पुलिस द्वारा धोखाधड़ी की धाराओं समेत महामारी अधिनियम मे मुकदमा दर्ज कर शातिरो को जेल भेज दिया गया है I पुलिस की पुछताछ में शातिरो ने अपना परिचय रितेश उपाध्याय पुत्र विनय कुमार उपाध्याय निवासी 128बी विवेकानंद चौराहा थाना सिविल लाईन जनपद प्रयागराज हालपता हिमालयन इन्क्लेव फेश 1 सी-1/403 वृंदावन योजना थाना पीजीआई लखनऊ एवं अखंड प्रताप सिंह पुत्र कृष्ण प्रताप निवासी बखेड़ा थाना करछना प्रयागराज के रूप में दिया हैं I पुलिस के गिरफ्त मे आये शातिर गाड़ी में निली बत्ती लगा वाणिज्य कर का अधिकारी बन महामारी के दौरान मेडिकल दवाओ की दुकानो व आक्सीजन प्लांटो पर अपना रौब गांठ दबाव बना हासिल कर कालाबाजारी करके अवैध रूप से मोटी कमाई कर रहे थे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ