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यूपी में स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल : पीएचसी में मिली कई शराब की खाली बोतलें, फार्मासिस्ट व बार्ड व्याय के सहारे चल रहा अस्पताल

  ब्यूरो चीफ़ अंकुल गिरी

  पलियाकलां-खीरी। कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान जहां अस्पतालों को खोले जाने की मांग जगह-जगह चल रही है। प्रधानमंत्री व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में जुटे हुए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारी उसके विपरीत दिशा में चलते हुए स्वास्थ्य केन्द्र को शराब पीने का अड्डा बनाने पर तुले हुए हैं। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत मझगईं के पीएचसी का हाल बुरा है। जहां दिन के 11 बजे तक कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचता है। वहीं अस्पताल परिसर में कर्मचारियों द्वारा शराब व कबाब की पार्टी उड़ाई जा रही है। 

मंगलवार को ग्राम पंचायत मझगई के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल जानने पहुंचे मीडियाकर्मियों को एक अलग ही नजारा देखने को मिला। फार्मासिस्ट जितेन्द्र कुमार पटेल व वार्ड ब्वाय हिमाशु कमार की देखरेख में चल रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सारे कमरे खाली पड़े हुए थे। स्थानीय सूत्रों की माने तो यह लोग जब मर्जी हुई केंद्र खोल कर कमरों में जाकर जाम लड़ाया जाता है और आराम करने के बाद ताला लगाकर वापस चले जाते है। अगर मरीज आ जाता है उनको देखकर दवा दे दी जाती है। अस्पताल का हाल यह कि शराब की बोतल अस्पताल के अंदर ही रखे एक कार्डबोर्ड के डब्बे में डाल दी जाती हैं। अगर मरीज दिखने पहुंचे तो अस्पताल बंद मिलता है या फिर खुला भी है तो मरीज को दवा लेने के लिए बैठकर इंतजार करना पड़ता है। जबकि पलिया सोलह किलोमीटर व निघासन बाइस किलोमीटर की दूरी पर मझगई का यह इकलौता स्वास्थ्य केंद्र है। क्षेत्र के कई मरीजो को पीएचसी से दवा न मिलने पर प्राइवेट अस्पतालों में दिखाना पड़ता है। सूत्रों की माने तो फार्मासिस्ट व वार्ड ब्वाय स्वास्थ्य केंद्र खुलने के बाद दिन शराब के नशे में धुत होकर मरीजों को दवाइयां दे रहे हैं। जिसके चलते मझगई का स्वास्यि केन्द्र मजाक बनकर रह गया है। कई दिनों से पीएचसी भवन की शोभा बढ़ा रही शराब की खाली बोतलें इस बात को भी जाहिर करती हैं कि अधिकारी अस्पताल का निरीक्षण करने या अस्पताल को हाल लेने नहीं पहुंचे हैं। 

क्या कहते हैं अधिकारी-

पीएचसी के फार्मासिस्ट जितेन्द्र कुमार पटेल 11 मई से कोविड अस्पताल नकहा में ड्यूटी पर हैं। अस्पताल में शराब की खाली बोतलें अगर बरामद हुई हैं तो बहुत गलत बात है। मैं इसको दिखवाता हूं। 

डाॅ हरेन्द्र नाथ वरूण-सीएचसी अधीक्षक, पलियाकलां

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