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योगी सरकार में सुरक्षित नहीं महिलाएं, दहेज की बलि बेदी पर चढ़ी आज फिर एक अबला नारी

 

रिपोर्ट राकेश पाण्डेय

      सीतापुर। जनपद के लहरपुर थाना क्षेत्र के टांडा खुर्द निवासी जय नारायण अवस्थी पेशे से किसान हैं की बेटी प्रिया की शादी लखनऊ के चौक क्षेत्र के चौपटिया निवासी ऋषभ तिवारी के संग हुई थी।  गुरुवार सुबह ३० वर्षीय प्रिया अवस्थी का शव घर के अन्दर फंदे पर लटका मिला ।

     बीते दिसंबर में प्रिया का विवाह हुआ था । सीतापुर निवासी प्रिया के परिवारीजनों ने पति समेत अन्य ससुरालीजनों पर दहेज की मांग पूरी न होने पर हत्या कर शव फंदे पर लटकाए जाने का आरोप लगाया है । पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही की बात कही है। सीतापुर जनपद के लहरपुर टांडा खुर्द निवासी जय नारायण अवस्थी ने बताया कि बेटी प्रिया अवस्थी का विवाह बीते एक दिसम्बर को चौपटिया चौराहे के पास रहने वाले ऋषभ तिवारी के साथ हुआ था । 

     जय नारायण ने बताया कि गुरुवार सुबह प्रिया के ससुर मुरालीलाल तिवारी ने फोन कर बताया कि बेटी ने फांसी लगा ली है । इस सूचना पर पहुंचे तो शव घर पर था । बेटी के गले में कसाव के निशान थे । इसके अलावा शरीर पर भी चोटें थीं। प्रिया के पति ऋषभ और ससुरालीजनों ने मिलकर उसे पीटा और फिर आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे से लटका दिया । 

     इंस्पेक्टर चौक विश्वजीत सिंह ने बताया कि सुबह प्रिया के ससुरालीजनों की सूचना पर पुलिस पहुंची तो कमरे में फंदे पर शव लटक रहा था । शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है । पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर कार्यवाही की जाएगी| 

     प्रिया के पिता जय नारायण अवस्थी का आरोप है कि शादी के बाद से प्रिया के पति और ससुरालीजन कार की मांग कर रहे थे । आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उनकी यह मांग पूरी करने में असमर्थ रहा । इसके पहले-पहले  उन्होंने कई बार रुपयों की मांग की तो बेटी की खुशी के लिए वह भी पूरी की। प्रिया के ससुर सेवानिवृत्त शिक्षक हैं । अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर शादी के बाद से ससुराली जनों ने बेटी को मायके नहीं भेजा था । उसे फोन पर भी बात नहीं करने देते थे । बेटी अकेले कभी बात नहीं कर पाती थी । वह जब फोन पर भी घर वालों से बात करती तो ससुरालीजन आस पास ही बैठे रहते थे । जय नारायण अवस्थी ने बताया कि वह बीते जनवरी माह में बेटी के घर गये थे। तब प्रिया  रो रही थी । उससे पूछने की कोशिश की तो कुछ बताया नहीं क्योंकि ससुरालीजन सब आस पास ही थे । बेटी बहुत परेशान थी । अब देखना ये होगा की अपराधियों पर कोई कार्यवाही होती है या नहीं क्योंकि ससुराल पक्ष के लोग जंडेल किस्म के थे साथ ही पिता का कहना है की गुरुवार सुबह ही शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गया था लेकिन पुलिस प्रशासन का ढीले पन की वजह से शुक्रवार दोपहर एक बजे तक भी पोस्टमार्टम नहीं हो पाया इसी के चलते मौके पक्ष के लोगों का आरोप है की कही इसमें प्रशासन की मिलीभगत तो नहीं है।

     अब देखना यह होगा कि गरीब पिता को अपनी इकलौती बेटी की मौत का प्रशासन सही तरीके से केस की देखरेख करता है या नहीं फिलहाल समाचार लिखने तक शव पोस्टमार्टम हाउस में ही मौजूद था।

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