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जब पेट हो भरा और घर में नोटों का बंडल हो पड़ा तो कहना बहुत आसान है घर पर रहो - समाजसेवी शबा खान

  वाराणसी संवाद

वाराणसी। जी हां जब पेट भरा हो घरों में नोटों का बंडल भरा पड़ा हो तो बहुत आसान होता है कहना कि घर पर रहो क्योंकि उन्हें क्या परेशानी है भला, जाकर उनसे पूछो उन गरीबों से, उन मध्यम परिवारों से जब उन्हें पता चलता है दूर से कहीं खबर आती है तब से ही उनके बुरे हालात हो जाते हैं ,कि अगर सब कुछ बंद हो गया क्या करेंगे ,बच्चों को क्या खिलाएंगे, क्या खाएंगे ,कहां से लाएंगे ,किससे मांगेंगे, बहुत तरह के सवाल उनके मन में होते हैं, क्योंकि उनके पास नोटों के बंडल नहीं होते,  डेली कमाते हैं ,डेली खाते हैं lअभी ज्यादा टाइम की बात ही नहीं है कुछ महीनों पहले की बात है जो लंबे समय तक लॉकडाउन चला थाl लोगों ने फाका किए यहां तक की कई परिवारों ने अपनी जान दी थी। कोरोना से नहीं मरे थे वह लोग वह तो पापी पेट से मर गए थे। जब घर में कुछ खाने को ना हो, पास पैसे ना हो, कोई काम ना हो ,बाजार बंद हो ,पेट कहां से मानने वाला हैl कहां से भरेगा पेट ,बच्चों को कहां से खिलाएंगे, बहुत आसान है बहुत आसान है लॉकडाउन लगाना और तो और सरकार ऐसे  लॉकडाउन  लगाती है बताती नहीं, कभी कुछ गाइडलाइन ,कभी कुछ गाइडलाइन, रात दिन बदलती रहती है उसकी जिससे लोग और ज्यादा परेशान हो जा रहे हैं। सरकार को सब सोचकर कदम उठाना चाहिए और ऐसे हालात में जो मध्यम परिवार हैं उनके साथ खड़े होना चाहिए जब सब कुछ बंद है तो उससे बिजली पानी की बिल माफ करनी चाहिए। गरीबों के खाने की व्यवस्था करनी चाहिए। इतनी भी गरीब सरकार नहीं है कि गरीबों के खाने की व्यवस्था नहीं कर सकती। आपातकालीन में मरते लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर तक प्रोवाइड नहीं कर पा रही है। जहां सवा सौ करोड़ आबादी है चंद लोगों को सिलेंडर प्रोवाइड नहीं हो पा रहे हैं, लेकिन दिल्ली में सरकार के आलीशान महल भूल भुलैया वह लगातार बन रहा है और 2022 में टारगेट है उसे कंप्लीट करने का जो हजारों करोड़ रुपए से बन रहे हैं l सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है इन बातों को इन महामारी में भी सरकार को चाहिए गंभीरता से ले इन बातों को। आपातकालीन में बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, लोगों को प्रोवाइड कराए जिससे लोगों की जान बच सके ,और लॉकडाउन लगाए तो मध्यम गरीब परिवार के बारे में सोचे, नहीं तो भूख से मरने वालों की संख्या बढ़ने लगेगी श्मशान में लाश जलाने की जगह नहीं, अस्पताल में मरीज को बेड की जगह नहीं इन सब चीजों की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिएl महीनों हो गए कोरोना को चलते पर सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। और तो और इसमें गोलमाल बहुत चल रहा है ,कोरोना की आड़ में बहुत खेल हो रहा है, बेहिसाब लूटमार, महंगी दवाएं ,बहुत कुछ सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहा है इन सब चीजों पर सरकार लगाम लगाए।

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