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एक बार फिर लोगों की मदद को आगे आयीं निजी संस्थाएं,सीरते अली ने अस्पताल में खाने से लेकर लोगों को कराया राशन मुहय्या

  मोहम्मद सैफ साबरी

   लखनऊ। देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर शुरू होते ही देश के अंदर मानो मौतों का भूचाल सा आ गया चारों तरफ अफरा तफरी का माहौल बन गया जिसमें उत्तर प्रदेश की स्थित तो बहुत ही भयावाह नज़र आरही है  रोजाना हो रहीं हज़ारों मौतों ने हर एक व्यक्ति को दहला कर रख दिया इतनी दहशत कि लोग अपने आप घरों में कुरनटाइन हो गए बाज़ार अपने आप लोगों ने बन्द कर लिये इस तरह का दहशत जादा माहौल इस से पुर्व कभी देखने को नहीं मिला।

यहां तक कि लोग भुखमरी की कगार पर आ गए लेकिन इश्वर ने खाना खिलाने का काम अपने ज़िम्मे लिया इसी के तहत जनता में में ही से कुछ संगठन आगे आते हैं और गरीबों बे सहारा लोगों के खाने का इन्तिज़ाम कर उन तक खाना पहुंचाने का काम करते हैं इन्हीं संगठन में से एक सीरते अली नामक संगठन सामने आता है जो जनता के बीच जाकर अस्पतालों एवं सार्वजनिक जगह पर खुले आसमान के नीचे रह रहे लोगों को खाना मुहय्या करा कर जन सेवा करने की भरपूर कोशिश कर रहा है।

यही नहीं इस के अलावा सीरते अली संगठन मजबूर ऐसे लोग जो रोज़ कमाते खाते है उनको राशन वितरण का काम भी ज़ोर शोर से कर रहा है।मालूम हो कि इस सीरते अली नामक संगठन से जुड़े आसिफ अब्बास ज़ैनुल,शुजा अब्बास, फैज़ी,मिन्हाल आदि लोगों ने बताया कि ये संगठन पिछले साल लॉकडाउन से लगातार लोगों में खाना वे राशन वितरण करने का कार्य कर रहा हैं। इस वर्ष भी जब देश पर आपदा की घड़ी आई तो लोगों के लिए एक मसीहा बनकर सामने आया। शहर के हॉस्पिटलों में एडमिट कोरोना मरीजों और परिजनों के लिए शाम का खाना मिनरल वाटर एवं मास्क पहुंचाने का कार्य सकुशल कर रहा है।

वही ट्रामा सेंटर हो या शहर के और अस्पताल जहां कोविड-19 के मरीज़ों से जब परिवार के लोग कोरोना जैसी घातक बीमारी का नाम सुनकर उनका साथ छोड़ देते हैं। उस वक्त में इस संगठन के लोग उनको खाना मुहैया कराते हैं। तो लोगो के।दिलों से लाखों दुआएं इनके लिय निकलती है। फैजी का कहना है। कि मौला जिससे जो भी चाहते हैं काम ले लेते हैं हमारी कोई हैसियत नहीं कि हम कुछ कर सकें, यह सब मेरे मौला का करम है।

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