Subscribe Us

अखिल भारतीय कायस्थ महापरिषद् ने उठाई पार्थ श्रीवास्तव के सुसाइड पर सीबीआई जांच कि मांग

   सत्य स्वरूप संवाददाता

   लखनऊ।  उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सोशल मीडिया टीम में कार्यरत पार्थ श्रीवास्तव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली!आत्महत्या करने से पहले पार्थ श्रीवास्तव ने दो पन्नो का सुसाइड नोट लिखा और ट्विटर पर पोस्ट भी किया था।

सीएम योगी की सोशल मीडिया टीम में कार्यरत पार्थ श्रीवास्तव पिता रवींद्र श्रीवास्तव वैशाली एन्क्लेव सेक्टर-9, थाना-इंदिरानगर निवासी है।सुसाइड नोट में उन्होंने अपने दो सहयोगियों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।जिसमे मुख्य आरोपी शैलेन्द्र सिंह और शैलजा को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।अभी तक इनदोनो पर FIR दर्ज नही कि गयी है जो संदेहास्पद प्रतीत होती है।

अखिल भारतीय कायस्थ महापरिषद् उत्तर प्रदेश सरकार से सीबीआई द्वारा जाँच की मांग करती है तथा जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी हो और पार्थ श्रीवास्तव के परिवार को 50 लाख त्वरित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग करती है जिससे परिवार को उचित न्याय मिल सके। इस अवसर पर संरक्षक एवं पूर्व उप पुलिस अधीक्षक श्री विमल किशोर श्रीवास्तव ने कहा कि अगर पार्थ श्रीवास्तव के परिवार को सरकार नहीं देती और निष्पक्ष जांच और आर्थिक मदद नहीं देती है तो इसके लिए संसद से सड़क तक संघर्ष किय जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ प्रतुल भटनागर ने कहा कि अगर सरकार जल्द निर्बल नहीं लेती है तो हम माननीय उच्च न्यायालय के माध्यम से निष्पक्ष जांच के याचिका दायर करेंगे। देश और प्रदेश मे कायस्थ समाज पर हो रहे अत्याचार को किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

एक टिप्पणी भेजें

1 टिप्पणियाँ

Unknown ने कहा…
Great ������