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कोरोना काल मे अजादारों ने जमकर किया मातम, कर्फ्यू के चलते नहीं निकला जुलूस

  ब्यूरो सगीर अमान उल्लाह

बाराबंकी। कोरोना की वबा की मुसीबत और कर्फ्यू के चलते 21 रमज़ान हज़रत मौला अली की शहादत पर गाँव गाँव कस्बे और शहर में  घर घर हुआ मातम या अली मौला हैदर मौला की घरों से गूंजी सदाएं। कर्बला सिविल लाइन में ख़ातिबे अहलेबैत अली मेहदी ने मजलिस में मसायब शहादत हज़रत अली अलैहिस्लाम को सुनकर अजादार दहाड़े मार मार कर रोते हुए पहले इमाम की शहादत पर इमामे ज़माना को आँसुओ का नज़राना पेश किया।  हाजी सरवर अली कर्बलाई, हैदर आब्दी व आसिम नक़वी ने नव्हा पढ़ा अन्जुमन पैग़ामे कर्बला अंजुमन सदाए हुसैन ने नौहा पढ़ा
कोविड -19 को देखते हुये  मास्क व सोशल डिस्टेन्सिन्ग के साथ कर्बला परिसर में ताबूत का गशत कर नव्हा मातम के बीच दफन किया गया वही इमामबाड़ा मीर मासूम अली कटरा , बेगम गंज इमामबाड़ा जनाबे जैनब, मौलाना गुलाम अस्करी हाल,तकिया , कम्पनी बाग ,अली कालोनी ,लाईन पुरवा, बेलहरा हाऊस, लखपेड़ा बाग, दशहरा बाग में  घर घर  मातम मजलिस सम्पन्न हुआ ,
वहीं जनपद के हज़रत पुर,बदो सराय , किन्तूर , फतेहपुर , मित्तई , केसरवा सादात , मौथरी , ज़ैदपुर ,भानमऊ , इब्राहिमा बाद, सराय इस्माईल, मीरापुर, मोती पुर , जर्गान्वां ,सन्गौरा, बेड़हरी , टिकरिया, मिर्चिया, असन्द्रा , आलमपुर ,पूरब बेलांव ,पश्चिम बेलांव , रसूल पुर आदि गांव कस्बों में भी हुआ घर घर मातम और मजलिस मरहूम अली अब्बास एडवोकेट केअज़ाख़ने में होने वाली ऐतिहासिक मजलिस आज शाम को नही हो सकी।

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