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खुलासा : जसवंतनगर पुलिस ने मोटी रकम लेकर बकरा चोरों को छुरा व कारतूस के फर्जी मुकदमे में भेजा जेल

  सुघर सिंह

   इटावा। थाना जसवंतनगर पुलिस का एक बड़ा खुलासा सामने आया है जसवंतनगर पुलिस ने 12 मई को बकरा चोरी करने वाले चोरो को छुरा व कारतूस में जेल भेज दिया है। इसमें पुलिस ने अभियुक्त पक्ष से मोटी रकम बसूल की थी। कोरोना में कोर्ट बंद होने के चलते इंस्पेक्टर नवरत्न गौतम जमकर दोनों हाथों से अबैध रकम ऐंठने में लगे है। 

जसवंतनगर पुलिस की कहानी में झोल ही झोल खुलकर सामने आए है दिनांक 11 मई को थाना सिविललाइन जनपद इटावा के ग्राम पहाड़पुर में घनश्याम पुत्र रमेश का बकरा चोरी हुआ था। जानकारी पर पता चला कि चोर नगला बाबा के दो युवक थे जिन्होंने बकरा चोरी किया था  वह बकरा बेचने जसवंतनगर आ रहे थे तभी वह पुलिस के पूछताछ में फंस गए और पकड़े गए। पुलिस मय बकरा के दोनों अभियुक्तों को थाना जसवन्तनगर ले गयी उसी रात्रि भारत सिंह पाल निवासी मलाजनी थाना जसवंतनगर के 2 बकरा व 4 बकरी चोरी हो गयी जिनकी कीमत लगभग 60 हजार रुपये थी । पीड़ित भारत सिंह ने रात को डायल 112 पर फोन किया और रात को  ही थाने में प्रार्थना पत्र दे दिया सुबह पुलिस ने नगला बाबा के चोरो से बरामद बकरा भारत सिंह पाल को दे दिया लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नही की गई।  और उधर पहाड़पुरा के घनश्याम को खबर मिली कि उनके बकरे को चुराने बाले दो चोर थाना जसवंतनगर ने बंद है और मय बकरा के पकड़े गए है तो वह भी दौड़ता हुआ थाने आया और पुलिस से बकरे की मांग की। लेकिन यहां पुलिस ने बकरा चोरो को कारतूस व छुरा में फर्जी मुकदमा व बरामदगी दिखाकर अपनी पीठ थपथपा ली थी। और जेल भेज दिया था। थाने के सूत्र बताते है कि पकड़े गए अरोपियों ने पुलिस को बताया था कि बकरा रात में खूंटे से छूटकर उनके घर पर आ गया था और उन्होंने गांव में भी व आसपास के लोगो से पूछा तो कोई जानकारी नही मिली उन्होंने बताया कि वह बकरे को लेकर रास्ते मे पूछताछ करते हुए बाजार जा रहे थे ताकि बकरा मालिक को उसका बकरा सौंपा जा सके लेकिन पुलिस ने पकड़ लिया और फर्जी मुकदमा व छुरा व कारतूस लगाकर जेल भेज दिया। जिसका बकरा गायब हुआ था वह भी थाने आये था लेकिन उसके बाद भी पुलिस ने उसे बकरा नही दिया और हम लोगो को पर फर्जी मुकदमा लगा दिया। जब कि हम लोग मेहनत मजदूरी करके गुजारा करते है। वही कुछ सूत्रों का कहना  है कि बकरा चोरी में जेल न भेजने के लिए प्रभारी निरीक्षक ने बकरा चोरो के परिजनों से मोटी रकम बसूल की है। और बकरे को भारत सिंह पाल को दे दिया। थाने में बकरा न मिलने पर पीड़ित घनश्याम घर बापस लौट आया लेकिन उसने हार नही मानी और लगातार बकरा की तलाश में भटकता रहा तो थाने के एक  सिपाही ने रहम खाकर बकरे का पता उसे बता दिया उसके बाद घनश्याम ने मलाजनी गांव जाकर अपने बकरे की पहचान कर ली उसके बाद वह थाना पुलिस से बकरा दिलवाने की गुहार लगाई लेकिन फिर भी पुलिस ने उसका बकरा बापस नही कराया फिर किसी नेता ने माध्यम से जब पुलिस पर दबाब बनाया गया तो नवरत्न गौतम ने दरोगा भेजकर बकरा बापस दिलाया। लेकिन भारत सिंह पाल के छह बकरा बकरी चोरी के मामले में इंस्पेक्टर नवरत्न गौतम ने कोई कार्यवाही नही की। और पीड़ित के घर के सामने बाले घर व पड़ोस के घर मे लगे सीसीटीवी फुटेज को प्राप्त करने की जहमत नही उठाई। भारत सिंह व उनके पुत्र ने बताया कि साहब हम बर्बाद हुई गए  गरीब आदमी हैं अज्ञात चोरों ने चार पहिया वाहन से मेरे घर दो बकरा चार बकरी चोरी कर ली।  भारत सिंह के पुत्र ने  बताया कि मैं और मेरी पत्नी बकरियों के पास ही सो रहे थे और चोरों ने बकरियों पर हाथ साफ कर दिया इन लोगों ने अंदेशा जताया है कि चोरों ने बकरी चोरी करने से पूर्व हम लोगों को कुछ सुंघा दिया जिससे हम लोग बेहोश हो गए क्योंकि बकरी हम लोगों की चारपाई के पास में ही बंधी थी भारत सिंह द्वारा थाना पुलिस को बताया गया कि बकरी चोरी की घटना मेरे घर के सामने व पड़ोसी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है और चोर बकरी ले जाते हुए व उनकी गाड़ी दिख रही है उन्होंने बताया कि हम ने पुलिस को कई बार सूचना दी और थाने के सिपाही को भी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भेजी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई हमारी टीम के सामने भारत सिंह पाल फूट फूट कर रो रहे थे बदन पर फ़टी बनियान  पहने भारत सिंह व उनके परिजनों के चेहरे पर बकरी चोरी का दर्द साफ झलक रहा था यह लोग बकरा बेचकर बरामदे में लेंटर डलवाने का विचार बना रहे थे भारत सिंह पाल झोपड़ी में रह रहे हैं बकरा बकरी की कीमत लगभग साठ हजार रुपये बताई जा रही है। इस मामले में  प्रभारी निरीक्षक जसवंतनगर नवरत्न गौतम  से बात की गई तो उन्होंने बताया के मेरे संज्ञान में कोई मामला नहीं है और ना ही थाने में कोई तहरीर देने आया है ।

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