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कोरोना जैसी महामारी में आदर्श कुमार बने गरीबो के मसीहा

   सचिन कुमार श्रीवास्तव

  लखनऊ। लाकडाउन हुआ तो सभी अपने घरो में बंद हो गए, लेकिन कुछ लोग  ऐसे  भी थे जो अपने लिए नहीं दूसरो के लिए घर से बहार निकले।  उन्ही में से एक डालीगंज निवासी आदर्श कुमार जी है। आदर्श कुमार लखनऊ विश्वविद्यालय से सम्बद्ध सिटी एकडेमी लॉ कॉलेज के अंतिम वर्ष के विधि छात्र है। पहले लाकडाउन से लेकर अब तक वह रोज़ लोगो को खाना बाँट रहे है।  आदर्श कुमार ने  यह काम अपने परिवार और मित्रो की सहायता से शुरू किया था।   आदर्श कुमार ने खुद के सारे पैसे इस काम में लगाए लेकिन उससे ज्यादा की आवश्यकता थी।  उन्होंने फिर लोगो से डोनेशन की अपील की और लोगो का सहयोग भी मिलता रहा और डोनेशन की मदद से आदर्श कुमार जी ने पिछले वर्ष 48,000 लोगो के पेट भरे। जिनमे रिक्क्षे वाले, फुटपाथ पैर सोते लोग, प्रवसि झोपड़ियों में रहने वाले लोग, पुलिस कर्मी, सफाई कर्मी आदि शामिल थे।  

आदर्श कुमार जी सिर्फ इंसानो के मददगार नहीं बने बल्कि उन्होंने 22,000 बेजुबान जानवरो का भी पेट भरा है जिनमे तकरीबन 15,000 बन्दर है।  इसके साथ ही साथ उन्होंने महिलाओ को 10,000 से भी ज्यादा सेनेटरी पैड बांटे है।  आदर्श कुमार जी ने प्रवासियों को 5,000 मास्क व चप्पलें, ग्लूकोस और सत्तू भी मुहिया कराये।  

इस वर्ष, जैसे अचानक पूरे देश में और विशेष रूप से लखनऊ में दूसरी लहर के आने से इस्थिति बिगड़ी है उस वक्त आदर्श कुमार जी वायरल बुखार में 25 दिन बीमार रहे और ठीक होते ही अपने कार्य में जुट गए।  इस बार उन्होंने अपनी एक छोटी सी टीम गठित की है जिसमे 6 लॉ के छात्र और छात्राये शामिल है (हर्षिता कपूर , मोनिका सिंह , उत्कर्ष पांडेय, यश कीडिया, अनिमेष त्रिपाठी  और बिपिन यादव शामिल है) उन्होंने इसका नाम "हेल्पिंग हैंड्स" रखा है। इस बार उन्होंने बहार की इस्थिति देखते हुए और लोगो की जरूरतों को समझते हुए इन्होने मेडिकल किट दान करने के बारे में सोचा, जिसमे मास्क, विक्स , साबुन, पेरासिटामोल व अन्य आवश्यक चीज़े शामिल है। उन्होंने लोगो की समस्याओ को सुना उन्हें अपना समर्थन देने का आश्वासन दिया और इस बार अधिक तेजी और जोरदार तरीके से पिछले एक महीने से लोगो की जरूरतों को पूरा कर रहे है। पिछले कई दिनों से आदर्श जी लोगो को मेडिकल किट के साथ साथ अन्य आवश्यक वस्तुए जैसे दाल, चावल, आटा, नमक, तेल, मिर्च मसाले, बिस्कुट आदि भी पहुंचा रहे है। पिछली बार जानवरो की सेवा करते करते बन्दर इनसे भलीभाति परिचित हो चुके है, बंदरो ने तोह आदर्श को अपना मित्र बना लिया है। इसलिए आदर्श जी इस साल भी उन्हें चना, बिस्कुट, ब्रेड आदि खिला रहे है।  

आदर्श जी के इस व्यवहार और लोगो की मदद करने के जज़्बे की वजह से लखनऊ के लोगो ने इन्हे "लखनऊ का सोनू सूद " कहना शुरू कर दिए है। इसी को लेकर आदर्श जी कहना है की "वे लखनऊ के लोगो का प्यार और सम्मान के लिए उनके आभारी है।  आदर्श जी का कहना है की जरुरी नहीं की हम लोग अधिकारी हो, अफसर हो, फौजी हो या पुलिस हो हम एक नागरिक के तौर और छात्र के तौर भी हम देश की सेवा कर सकते है  और जबतक इस्तिथि सामान्य नहीं होती है वह ऐसे ही कार्यरत रहेंगे तथा लोगो से निवेदन किया है की सभी लोग घर पैर रहे अनावश्यक बहार ना निकले और सभी स्वस्थ्य रहे तथा अपने आस पास के जानवरो और लोगो की मदद करने की कोशिश करे।  छोटी छोटी कोशिशों से ही बदलाव आ सकता है  और लाया जा सकता है।

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