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पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह का कोरोना से निधन, देश ने खोया एक महान नेता

सचिन कुमार श्रीवास्तव

लखनऊ। सात बार के सांसद रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह का आज गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। कोरोना संक्रमित अजीत सिंह के फेफड़ों में  संक्रमण बढ़ने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कांग्रेस नेता/सांसद राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री/सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री/बसपा अध्यक्ष मायावती व अन्य नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। चौधरी अजीत सिंह के निधन से पश्चिम यूपी एवं किसानों में शोक की लहर दौड़ गई है। अजीत सिंह व उनकी पोती 22 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हुए थे। अजीत सिंह 4 मई से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। उनकी पोती की तबियत ठीक बताई जा रही है।

चौधरी साहब भारत की सियासत में एक एसा अनोखा चेहरा थे जिन्होंने बहुत लंबे वक्त तक पार्लियामेंट से लेकर ज़मीन तक और ज़मीन से लेकर संसद तक गरीबों मजदूरों पिछड़ा वर्ग और खास तौर पर देश के किसानों की लड़ाई को दिल से लड़ा और इसी लिए वो किसान नेता और किसानों के मसीहा के नाम से जाने जाते थे। देश का हर वर्ग उनसे मोहब्बत करता था वो देश के दूसरे कद्दावर नेताओं और पार्टियों से कहीं ज़ियादा सियासी हैसियत और तजुरबा रखते थे बड़ी बड़ी सियासी पार्टियों के देश लेविल के नेता उनसे तजुरबा हासिल करते और उनको अपना आदर्श और सच्चा लीडर मानते थे। चोधरी अजीत सिंह जी की सबसे बड़ी खासियत और पहचान ये थी के वो सब कुछ भूल कर मुश्किल वक़्त में सभी के साथ खड़े हो जाया करते थे, सियासी मतभेद से अलग हट कर धर्म और बिरादरी से ऊपर उठ कर सभी का साथ देते थे इस लिए उनको गरीबों मजदूरों और किसानों का मसीहा कहा जाता था लेकिन बड़े अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा हे कि आज वो हमें छोड़ कर चले गए उनकी समाज और गरीबों और परेशान हाल और किसानों के हक की गई सेवा हमेशा याद रखी जाएगी। इतना ही नहीं चोध री अजीत सिंह ने भारत की सरकारों का भी मुश्किल वक़्त में अपने लंबे सियासी तजुर्बात से बहुत साथ दिया और देश को हर केविल पर फायदा पहुंचाया वो केन्द्र सरकार में कई बार केन्द्रीय मंत्री भी रहे इस समय भी भारत की सरकारों नें चौधरी अजीत सिंह जी के सियासी तजुर्बात से बहुत फायदा उठाया वैसे तो चोध री अजीत सिंह अपने आप में एक सलाहियत मंद और तेज़ ज़हीन इंसान थे लेकिन उन्होंने देश व समाज की सेवा के लिए संघर्ष करना और गरीबों के लिए जीने और गरीबों के लिए मरने को अपनी आदत बना लिया था। चौधरी साहब की एक खासियत ये भी थी कि वो जहां भी जाते थे सभी को ये केहते थे कि में यहां सियासत करने नहीं आया हूं बल्कि में अपनों के बीच आया हूं अपनों का हाल चाल जानने आया हूं चोध री साहब के ये अनमोल बोल उनकी सादगी और जनता से सच्चे प्यार को दर्शाता है देश ने चौधरी अजीत सिंह जी के रूप में एक ऐसा महान नेता खो दिया है।

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