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बॉडर पर चल रहा भारतीय व नेपाली रुपयों की सटाई का धंधा,पैसों के आगे नतमस्तक हुआ विभाग, चल रहा तस्कर-माफियाओं का खेल

   ब्यूरो अंकुल गिरी

    पलियाकलां-खीरी। बॉर्डर क्षेत्रों में तस्करों ने भारतीय रूपयों की तस्करी शुरू कर दी है। पलिया सहित बॉर्डर के इलाक़ो में जम कर इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। बता दें कि एटीएम खुलते ही ये धंधेबाज रूपया निकालना शुरू कर देते है। इन धंधेबाजों के नेटवर्क इतने तगड़े होते हैं कि बैंक के अंदर बैठे कर्मचारी को रुपयों का लालच देकर मोटी रकम को चंद मिनटों में हासिल कर लेते हैं जबकि बाहर लगें एटीएम की बात की जाए तो उसपर भी ऐसे दर्जनाधिक लोगों को सक्रिय होकर रूपया निकालते देखा जा सकता है। इण्डो नेपाल बॉडर क्षेत्र मे ऐसे दर्जनाधिक गिरोह है जो नेपाली करेंसी को भारतीय करेंसी से बदलने का कार्य कर रहे है। इसके बदले अच्छी कमाइ करने वालों का नेटवर्क तेजी के साथ सीमा क्षेत्र मे अपना पाव पसार रहा है। पुलिस, कस्टम और एसएसबी के अधिकारी इस बात से अंजान है कि कल तक छोटी मोटी तस्करी करने वाला आज दो देशों के रूपयो की तस्करी भी कर रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी में बताया गया कि पलिया कोतवाली पुलिस को अभी कुछ ही दिनों पहले एक व्यक्ति के पास से लाखों रुपए नेपाली व भारतीय नोट वरामद किए गए थे जिसकी देर शाम तक पूछताछ कर छोड़ दिया गया। यह चर्चा आग की तरह पूरे शहर में फैल गई वही जब पत्रकार ने इस विषय पर जानकारी लेनी चाही तो पुलिस ने कुछ भी बताने से इनका कर दिया। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग के लोग भी अंतरराष्ट्रीय तस्करों के गिरोह में फंसते जा रहे हैं।

इस तरह से चलता है धंधा

सौ रूपये नेपाली करेंसी के बदले पचास रूपये का भारतीय करेंसी देकर धंधे को अंजाम दिया जा रहा है। नेपाली करेंसी की मांग भरतीय क्षेत्र मे नही होने से अराजकतत्व व तस्कर औने पौने दामों पर नेपाली रुपए को भारतीय रुपयों से बदल कर ले लेते हैं इस खेल मे 13 रूपया प्रति सौ रूपये के नेपाली करेंसी पर फायदा उठाया जा रहा है। भारतीय 63 रूपया की कीमत नेपाल मे सौ रूपया है। ऐसे मे पचास रूपये भारतीय करेंसी देकर सौ रूपये का नेपाली करेंसी लेने का धंधा पूरे परवान पर है। अब देखना यह होगा कि बॉर्डर पर बैठी तमाम सुरक्षा एजेंसियां व विभागों के अधिकारी ऐसे अंतराष्ट्रीय तस्करों पर क्या कार्रवाई करती है।

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