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मुख्यमंत्री के दौरे के डर से पांच गांवों का हो गया उद्धार

   सचिन कुमार श्रीवास्तव

    सैफई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे से पहले सैफई ब्लॉक के पांच गांवों के मुख्य रास्तों और गलियों का उद्धार हो गया। हेवरा, गीजा, पिडारी, वैदपुरा और पिरौली गांवों की साफ सफाई और कोरोना के लक्षणों वाले मरीजों का ब्योरा जुटाने में देर रात तक अधिकारी जुटे रहे। मुख्यमंत्री को कोई खामी न मिले इसके लिए अधिकारियों ने अपने स्तर पर सब कुछ दुरुस्त कर लिया है। सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय में भी सभी व्यवस्थाएं ठीक कर ली गई हैं। बाहर से अंदर तक साफ सफाई कराने के साथ खुले में रह रहे तीमारदारों को भी हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री करीब दो घंटे तक जिले में रहे। कोरोना महामारी में इलाज की व्यवस्था आदि का जायजा लेने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को जिले में आ रहे हैं। सैफई के एथलेटिक्स स्टेडियम तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर 11:15 हेलीपैड पर उतरेगा। यहां से वह कार में चिकित्सा विश्वविद्यालय पहुंचेंगे। कोविड अस्पताल और मरीजों को मिलने वाले सुविधाओं की जानकारी लेंगे। विश्वविद्यालय में ही अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा करेंगे। 12:15 बजे पत्रकारों से चर्चा के बाद गांवों की ओर निकल जाएंगे। अधिकारी मुख्यमंत्री को उन्हीं पांच गांवों में ले जाने की तैयारी में हैं, जिनमें साफ सफाई कराई गई है। 1:15 बजे मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर से कानपुर रवाना हो जाएंगे। सैफई ब्लॉक के हेवरा गांव की साफ सफाई के लिए शुक्रवार को 100 सफाई कर्मचारी लगाए गए थे। बीडीओ खुद गांव की गलियों में दौड़ लगाते दिखे।  अमर उजाला टीम दोपहर में हैवरा पहुंची। एक-एक गली में कई-कई सफाई कर्मचारी सफाई करते दिखे। मुख्यमार्ग से लेकर गलियों व नालियों की साफ सफाई की जा रही थी। प्राथमिक विद्यालय में ग्राम पंचायत सचिव वर्षा, लेखपाल, बीडीओ मौजूद थे। अधिकारी ग्राम पंचायत की आबादी, परिवारों की संख्या, कोरोना पॉजिटिव मिले लोगों की संख्या की जानकारी करने में लगे रहे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तीन टीमें 513 घरों में जाकर संक्रमित मरीजों का ब्योरा लेने के साथ जांच करतीं रहीं। गांव में क्वारंटाइन सेंटर को भी दुरुस्त कर दिया गया। निवर्तमान प्रधान और नवनिर्वाचित प्रधान भी अधिकारियों के साथ खड़े नजर आए। गीजा गांव की सफाई के लिए 80 कर्मचारी लगाए गए थे। गुरुवार तक जो नालियां बजबजा रही थीं, वह शनिवार दोपहर तक साफ कर दी गईं थीं। इस गांव में भी अमर उजाला टीम पहुंची। अधिकारी खुद खड़े होकर सफाई करा रहे थे। कर्मचारियों से कह रहे थे कि सब साफ कर दो, कहीं गंदगी नजर न आए, वरना खैर नहीं होगी। मुख्य मार्ग के अलावा तालाब में जमी काई व गंदगी भी साफ कराई गई। यहां भी अधिकारी गांव की आबादी, कोरोना संक्रमितों की संख्या आदि डायरी में नोट कर रहे थे। मुख्यमंत्री के सवालों का जवाब देने के लिए अधिकारियों ने पूरा होमवर्क कर लिया था।

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