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कोविड प्रबंधन के लिए ग्रामीण स्तर पर बनाए जाएंगे कोविड केयर सेंटर, ग्राम पंचायत के द्वारा निभाई जाएगी जागरूकता की ज़िम्मेदारी

   रिपोर्ट राकेश पाण्डेय

    सीतापुर। करोनो मरीजों को समय से और उचित उपचार उपलब्ध कराने को लेकर अब ग्रामीण स्तर पर केयर सेन्टर, हेल्थ सेन्टर और हॉस्पिटल बनाए जाएंगे। ग्रामीण स्तर पर बनाए जाने वाले इन केन्द्रों की रूपरेखा तैयार कर ली गयी है। 

     स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार कोविड केयर सेंटर 30 बेड का होगा, जहां पर बिना लक्षण और हल्के लक्षण वाले कोविड उपचाराधीन मरीजों को रखा जाएगा। यह एक आइसोलेशन वार्ड होगा, जिन घरों में आइसोलेशन की व्यवस्था नहीं होगी, उन मरीजों को यहां रखा जाएगा। मरीजों की सांस सम्बन्धी समस्या और ऑक्सीजन स्तर की लगातार जांच की जाएगी। यह केन्द्र स्कूल, कम्यूनिटी हाल, विवाह गृह, पंचायत भवन में बनाए जाएंगे। कोविड केयर सेन्टरों पर 24 घंटे एक बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी तैनात रहेगी। गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केन्द्र पर रेफर भी किया जाएगा। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), एएनएम को केंद्र का नोडल नियुक्त किया जाएगा। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इनका सहयोग करेंगी। ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता समिति और शहरी क्षेत्र में महिला आरोग्य समिति के द्वारा इन केन्द्रों का संचालन किया जाएगा। यह केन्द्र समीप के प्राथमिक या हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर की निगरानी में रहेंगे। 

      कोविड हेल्थ सेन्टर पर थोड़े गम्भीर मरीजों को रखा जाएगा, यह भी 30 बेड का एक केन्द्र होगा। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर यह केन्द्र बनाए जाएंगे। यह केन्द्र मुख्य भवन से अलग होंगे जिसका आवागमन का रास्ता भी अलग हो। इन केन्द्रों पर उन मरीजों को रखा जाएगा जिनको चिकित्सीय मदद की जरूरत है। प्राइवेट अस्पताल को भी कोविड हेल्थ सेन्टर के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। इन केन्द्र पर प्रति बेड ऑक्सीजन सपोर्ट की व्यवस्था होगी। जिला अस्पताल और अन्य प्राइवेट अस्पताल या इनके एक हिस्से को कोविड अस्पताल के रूप में स्थापित किया जाएगा। यहां भर्ती मरीजों के सही हो जाने के बाद मेडिकल ऑफिसर उनके साथ कोविड के उपरांत आने वाले बदलाव के लिए फॉलोअप भी करते रहेंगे। 

     ग्रामीण स्तर पर बनाये गये कोविड केयर सेंटर की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतें निभाएंगी, जागरूकता की जिम्मेदारी

ग्रामीण स्तर कोविड के प्रति जागरूकता के लिए ग्राम पंचायत अहम भूमिका निभाएंगी। ग्राम पंचायत के सहयोग से आई सी डी एस विभाग, शिक्षा विभाग, स्वयं सहायता समूह के द्वारा कोविड की इस लड़ाई में ग्रामीणों में जागरूकता कर कोविड अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिन रोगियों में मामूली लक्षण हों, और उन्हें तीन दिनों तक बुखार न आए तो उन्हें 10 दिन बाद आइसोलेशन से बाहर आने की इजाजत दी जाएगी। ग्राम स्तर पर स्वच्छता का खास ध्यान रखा जाएगा और लोगों को कोविड के बारे में जानकारी देने के लिए व्यापार प्रचार अभियान चलाया जाएगा।

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