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महान योद्धा महाराणा प्रताप की मनाई गई 481 जयंती, श्रद्धांजलि समारोह का हुआ आयोजन

   सगीर अमान उल्लाह

बाराबंकी। बरेठी स्थित महाराणा प्रताप इन्टर कॉलेज में राष्ट्रनायक,महान योद्धा महाराणा प्रताप सिंह शिशोदिया की 481वीं जयंती विद्यालय में शारीरिक दूरी का अनुपालन करते हुए श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन हुआ।

   कार्यक्रम के मुख्यातिथि  कोतवाली देवा प्रभारी पी सी शर्मा ने महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित करके  कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप देश के सर्वप्रथम स्वतंत्रता सेनानी रहे जिनकी वीरता विश्व विख्यात है,इन्होंने  मातृभूमि की सुरक्षा,स्वतंत्रता व आन बान शान की सम्प्रभुता के लिए मुग़ल बादशाह अकबर से जीवन की अंतिम सांस तक युद्ध करते हुए जंगलों में घास की रोटियां खाना स्वीकार किया  परन्तुआक्रान्ताओं से रोटी बेटी का सम्बंध बनाना स्वीकार नही किया,इसलिए उनकी वीरता स्वाभिमान  की गाथा अमर है। वह आज भी करोड़ों नागरिकों के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं।

 इस मौके पर विद्यालय प्रबन्धक योगेंद्र बहादुर सिंह विसेन ने उपस्थित लोगों को अवगत कराया कि महाराणा प्रताप का कद साढ़े सात फुट एंव उनका वजन 110 किलोग्राम था,उनका सुरक्षा कवच का वजन 72 किलोग्राम और भाले का वजन 80 किलो था जिससे वह भयंकर युद्ध किया करते थे,जो आज भी उदयपुर राजघराने के संग्रहालय में सुरक्षित रखे हुए है।

 कार्यक्रम में सी पी यादव , विकास सिंह विसेन, बीनू सिंह,पूर्व प्रधान अशोक कुमार आदि ने श्रद्धासुमन अर्पित किये।

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