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कोविड -19 से बच्चों के मां-बाप की मृत्यु होने पर निकट परिजनों को बच्चो को गोद देने के प्रावधानों पर हुई चर्चा

    अनवर अशरफ

   कानपुर। चाइल्डलाइन कानपुर द्वारा चाइल्डलाइन के कार्यकर्ताओं व संस्था के स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं के साथ बच्चों के परिजनों की कोविड -19 से हुई मुत्यु से बच्चों पर हो रहे दुष्प्रभाव के साथ साथ उनके निकटतम परिजनों को गोद लेने विषय पर बैठक कर ऐसे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने व उनके निकटतम परिजनों को कारा के नियमों से गोद देने पर चर्चा की गई। बैठक का आयोजन चाइल्डलाइन व संस्था कार्यालय 328/7 बाबूपुरवा कालोनी किदवई नगर कानपुर नगर उ0प्र0 में किया गया। जिसका प्रमुख उददेश्य संस्था व चाइल्डलाइन के कार्यकर्ताओं को कानूनी रूप से बच्चो को रिश्तेदारों को गोद लेने के प्रति जागरूक करना था।

    बैठक के दौरान चाइल्डलाइन निदेशक द्वारा ष्ष्गोद लेने हेतु रिलेटिव एडाप्शन कानूनी प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया कि कोविड-19 के कारण बहुत सारे बच्चो ने अपने मां -बाप को खो दिया है  जिसके साथ ही उनके निकटतम परिजन बच्चों को गोद लेने के लिए आगे आए है जों कि समाज की बहुत अच्छी सोच को दर्शाता है लेकिन उसके लिए हमे दत्तक ग्रहण अर्थात गोद लेने की रिलेटिव एडाप्शन की कानूनी प्रक्रिया को पूर्ण करके ही करना चाहिए लेकिन समाज के कुछ लोग जो कि गोद लेने के इच्छुक होते है और वह कानूनी प्रक्रिया को पूर्ण नहीं करना चाहते है ऐसे लोग दोषी होते है और उनकी सूचना मिलने पर उनके खिलाफ कार्यवाही भी हो सकती है।

   साथ ही उन्होने रिलेटिव एडाप्शन को विस्तारपूर्वक बताते हुए बताया कि बच्चे के निकटतम रिश्तेदार को सर्वप्रथम केन्द्रिय दत्तकग्रहण रिसोर्स प्राधिकरण ;काराद्ध में रजिस्ट्रेशन करना होगा और विनियम 55 में प्रदान की गई उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा। जिसके साथ ही यदि बच्चों की उम्र 05 वर्ष से अधिक होगी तो उनकी सहमति भी लेना आवश्यक होगा। गोद लेने वाले माता .पिता के रजिस्ट्रेशन के बाद बाल सरंक्षण इकाई ऐसे भावी दत्त्क माता पिता की जांच करती है और अपनी रिपोर्ट कारा पर अपलोड करती है। जिसके साथ ही भावी दत्तक माता पिता द्वारा जिले की  अदालत में आवेदन दाखिल किया जाएगा। गोद लेने का आदेश जारी करने से पहले अदालत किशोर न्याय ;बालको की देखरेख और सरंक्षणद्ध अधिनियम की धारा 61 ए और विनियम 51 से 56 ए जैसा भी मामला हो के तहत निर्धारित विभिन्न शर्तो से खुद को संतुष्ट करेगी। जिसके पश्चात भावी दत्तक माता पिता न्यायालय से दत्तक ग्रहण की एक प्रमाणित प्रति प्राप्त करेंगे और प्राधिकरण को आनलाइन जमा करने के लिए उसकी एक प्रति जिला बाल सरंक्षण इकाई को प्रस्तुत करेगे।

कार्य्रकम में मुख्य रूप से संस्था के अध्यक्ष कमल कान्त तिवारी चाइल्डलाइन के समन्वयक प्रतीक धवनए रेलवे चाइल्डलाइन के समन्वयक गौरव सचानए अंजु वर्माए शिवानी सोनवानीए शांतनु द्विवेदीए आलोक चन्द्र वाजपेयीए नारायण दत्त त्रिपाठीए रेलवे चाइल्डलाइन से उमाशंकर सिंहए प्रदीप पाठक आदि लोग उपस्थित रहे।

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