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अपर मुख्य सचिव हेमंत राव ने सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुँचकर कोविड-19 तैयारियों का लिया जायजा

  सुघर सिंह

   इटावा। कोविड -19 की दूसरी लहर के मध्य अपर मुख्य सचिव एवं जिले के कोविड-19 नोडल अधिकारी हेमंत राव ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (यूपीयूएमएस) का आकस्मिक दौरा किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के चिकित्सकों, अधिकारियों एवं हेल्थ केयर वर्कर्स के साथ बैठक कर कोविड-19 इलाज एवं प्रबन्घन के सम्बन्ध में व्यापक जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कोविड-19 अस्पताल का वाह्य निरीक्षण तथा फ्लू ओपीडी व विश्वविद्यालय के आक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान अपर मुख्य सचिव एवं जिले के कोविड-19 नोडल अधिकारी हेमंत राव के साथ ज़िला अधिकारी श्रुति सिंह, विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो0 (डा0) रमाकान्त यादव, संकायाध्यक्ष डा0 आलोक कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डा0 आदेश कुमार, अपर चिकित्सा अधीक्षक कोविड-19 डा0 अनिल शर्मा, विभागाध्यक्ष सर्जरी डा0 एसपी सिंह, उपजिलाधिकारी हेम सिंह आदि उपस्थित रहे।

अपर मुख्य सचिव एवं जिले के कोविड-19 नोडल अधिकारी हेमंत राव ने बैठक के दौरान विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो0 (डा0) रमाकान्त यादव तथा कोरोना कमिटी के पदाधिकारियों से विश्व्विद्यालय द्वारा किये जा रहे कोविड-19 प्रबन्धन पर विस्तार से चर्चा की। इसमें विश्वविद्यारल में उपलब्ध कोविड-19 बेड, कोविड जाँच, दवायें, आक्सीजन एवं जरूरी उपकरण एवं पीपीई किट आदि पर संतोष व्यक्त किया। इसके अलावा उन्होंने विश्वविद्यालय के कोविड वैक्सीनेशन सेन्टर तथा कोविड कन्ट्रोल रूम की भी जानकारी ली।  

विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो0 (डा0) रमाकान्त यादव ने अपर मुख्य सचिव एवं जिले के कोविड-19 नोडल अधिकारी हेमंत राव को बताया कि विश्वविद्यालय में आस-पास के लगभग सात- आठ जिलों से कोविड संक्रमित मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसमें से अधिकांश बेहद गंभीर अवस्था में जिला चिकित्सालय एवं अन्य चिकित्सालयों से रेफर किये जाते हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में कोविड-19 संक्रमित मरीजों के इलाज हेतु जरूरी सभी दवायें, आक्सीजन आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज के साथ विश्वविद्यालय जरूरी इमर्जेंसी सेवायें भी जारी रखे हुए है।

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