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कोरोना महामारी से लड़ाई हेतु सरकार द्वारा प्रत्येक स्तर पर व्यापक प्रयास जारी

कोविड-19 महामारी से सम्बन्धित विशेष टीका उत्सव में आयोजित कराये जाने वाले कार्यक्रमों के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी

सचिन कुमार श्रीवास्तव 

 लखनऊ। कोविड-19 महामारी से सम्बन्धित विशेष टीका उत्सव में आयोजित कराये जाने वाले कार्यक्रमों के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश निर्गत किये गये हैं। 

उक्त जानकारी देते हुए मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि कोरोना महामारी से लड़ाई हेतु प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक स्तर पर व्यापक प्रयास किये जा रहे हैं, जिनमें कि ट्रैकिंग, ट्रेसिंग एवं ट्रीटमेन्ट के विभिन्न पहलू सम्मिलित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अपने वैज्ञानिकों द्वारा देश में बनायी हुई वैक्सीन की भूमिका कोरोना की लड़ाई में निर्णायक सिद्ध हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में टीकाकरण की कार्यवाही युद्ध स्तर पर की जा रही है। देश में प्रथम चरण में स्वास्थ्य कार्मिकों को, दूसरे चरण में फ्रन्ट लाइन वर्कर्स को तथा तीसरे चरण में 45 वर्ष से अधिक सभी व्यक्तियों को टीकाकरण की कार्यवाही की जा रही है। 

    प्रधानमंत्री द्वारा आह्वान किया गया है कि 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा गोविन्दराव फूले की जयन्ती से लेकर दिनांक 14 अप्रैल डाॅ0 बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर की जयन्ती तक पूरे देश में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाये। इस क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 11 अप्रैल से 14 अप्रैल तक विशेष टीका उत्सव के रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान समाज के विभिन्न वर्गों से समन्वय स्थापित करके प्रदेश के आम नागरिकों को अधिक से अधिक टीकाकरण हेतु प्रेरित करने का अभियान चलाया जायेगा।

    प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि इस विशेष टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक है कि समाज के विभिन्न वर्गों को टीकाकरण में सम्मिलित होने हेतु प्रोत्साहित किया जाये तथा उनका सहयोग लिया जाये। इस अभियान में यह विशेष प्रयास किया जाये कि प्रदेश के सम्मानित जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरूओं तथा प्रबुद्ध नागरिकों इत्यादि को इसमें सम्मिलित किया जाये। इसी क्रम में यह निर्णय लिया गया है कि श्री राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न नगरीय संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों के साथ दिनांक 12 अप्रैल को वेब वार्ता का आयोजन किया जायेगा तथा दिनांक 13 अप्रैल को प्रदेश के विभिन्न धर्मगुरूओं के साथ वेब वार्ता का आयोजन किया जायेगा। इन वेब वार्ताओं के आयोजन की सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश के सम्बन्धित जनपद के जिलाधिकारी की रहेगी। 

उन्होंने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिये हैं कि दिनांक 12 अप्रैल सायं 5ः00 बजे प्रत्येक जनपद स्तर पर एन.आई.सी. के मुख्य केन्द्र पर जनपद के सभी नगर निगम एवं नगर पालिकाओं के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को आमंत्रित किया जाये। सभी नगरीय निकायों के पार्षदों को नगरीय निकायों के आयुक्त/अधिशासी अधिकारी द्वारा विशेष व्यवस्था कराकर कोविड के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए एक बड़े हाल में बैठाया जायेगा तथा बड़ी स्क्रीन लगाकर कार्यक्रम में भागीदारी करायी जायेगी। श्री राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री जी द्वारा कुछ जनप्रतिनिधियों से वार्ता की जायेगी तदोपरान्त दोनों महानुभावों द्वारा उपस्थित महानुभावों को सम्बोधित किया जायेगा। शासन स्तर पर नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों से नगर विकास विभाग द्वारा समन्वय किया जायेगा तथा नगरीय निकायों में सूचना विभाग के सहयोग से टी.वी. स्क्रीन्स इत्यादि लगाने की व्यवस्था की जायेगी। जिला प्रशासन एन.आई.सी. के साथ सहयोग करके एन.आई.सी. कान्फ्रेन्स रूम में इन महानुभावों की वार्ता सुनिश्चित करायेगा। 

  13 अप्रैल सायं 5ः00 बजे समस्त जनपदों में सम्बन्धित जिलाधिकारियों द्वारा शहर के प्रमुख विभिन्न धर्मगुरूओं, जिनकी संख्या 06 से 10 तक हो सकती है, को एन.आई.सी. के माध्यम से कान्फ्रेन्स रूम में आमंत्रित किया जायेगा। श्री राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा कुछ धर्मगुरूओं से वार्ता भी की जायेगी, तदोपरान्त सम्बोधन किया जायेगा। 

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को उक्त दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये हैं।

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