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कृष्णा नगर में वर्षों से  दर्जनभर सड़को की नहीं हुई जांच,आखिर किसने खाया पैसा और कहां गई सड़कें, बना चर्चा का विषय

कृष्णा नगर में वर्षों से दर्जनभर सड़को की नहीं हुई जांच,आखिर किसने खाया पैसा और कहां गई सड़कें, बना चर्चा का विषय

  ब्यूरो चीफ़ अंकुल गिरी विरेन्द्र

पलियाकलां खीरी। उत्तर प्रदेश सरकार में भ्रष्टाचारी का बोलबाला साफ दिख रहा है इसका अंदाजा  जिला लखीमपुर खीरी के 85 किलो मीटर दूर पलिया ब्लाक के रिक्खी पुरवा गांव कृष्णानगर में दर्जन भर प्रधानमंत्री सड़क योजनाओं के तहत बनाया जाना था, जो आज भी कार्य सुरू नहीं हो पाया। लेकिन रिक्खी पुरवा प्रधान की नीयत ऐसी खराब हुई की आज तक उन सड़कों पर न तो एक ईट लगी और न ही कोई निर्माण कार्य हुआ और होता भी कैसे जब प्रधान को अपने शान और शौकत से ही फुर्सत मिली हो। अब बात करते हैं उस सड़क पर रहने वालो की जिन्होंने न जाने कितने पलिया तहसील समाधान दिवस और जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है उसके बाद भी पूर्व प्रधान पर कोई कार्रवाई नहीं होना चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें लोगों ने भी सरकार के तमाम योजनाओं से भरोसा करना खत्म कर दिया है। जब भी केंद्र व राज्य में बैठी सरकार योजनाओं को लागू करते हूए जन-जन तक पहुंचाने का बीड़ा उठाती है इसी तरह से पूर्व में बैठा सम्मानित पद पर यह शख्स कानूनी मरीयादाओ को तार-तार करते हुए अपना और अपने सगे-संबंधियों का घर भरने लग जाता हैं। इसी तरह कई सालों से पड़े उन सड़कों पर प्रधानमंत्री सड़क योजनाओं के तहत कार्य कराया जाना था लेकिन कार्य आज तक नहीं कराया गया। आखिर अधिकारी भी ऐसे भ्रष्टाचारियो पर कार्रवाई करने की जगह खुद साथ में राग अलापते नजर आते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी में पता चला है कि चुनाव की आरक्षण लिस्ट जारी होते ही कई घरेलू पद से तो पैदल हो गए लेकिन कुछ जगहों पर सीटे दिख रही है जिनपर अपना अलाप हांकने और लोगों को फिर से लालिपाप दिखाकर कुर्सी की चाह में निकल पड़े है। अब देखना है कि क्या लोग ऐसे भ्रष्टाचारी को बोट देकर अपनी समस्या और अपने गांव का विकास कर पाएंगे। जबकि पिछले इनके कार्यकाल में झांक कर देखा जाए तो भ्रष्टाचार की नदियां बहती नजर आ जाएगी। नहीं तो जिस तरह से किष्णा नगर के लोगों के साथ छल करके भ्रष्टाचार किया है अब लोग ही इसका फैसला करेंगे।

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