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उर्दू फिक़्शन आगाज़ और इर्तिका नामक एक दिवसीय सेमिनार सम्पन्न

   ब्यूरो सगीर अमान उल्लाह

बाराबंकी। क़ौमी काउंसिल ऊर्दू ज़बान नई दिल्ली से भगवान प्रसाद जन कल्याण समिति के जरे एहतेमाम एक रोजा सेमिनार ब उन्वान उर्दू फिक़्शन आगाज़ और इर्तिका स्थानीय शुभम गेस्ट हाउस में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ । सेमिनार की अध्यक्षता बीरबल शर्मा तथा संचालन मोहम्मद उवैद अश्शू ने किया सेमिनार के मुख्य अतिथि प्रदीप सारंग सोशल एक्टिविस्ट थे मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा उर्दू में अफसाना अदब की इस्ति लाह अंग्रेजी लफ्ज़ फिक़्शन में उर्दू जबान में इस्तेमाल हो चुका है। लफ्ज़ फिक़्शन या अफसानवी अदब अपने अन्दर काफ़ी वुसअत रखता है इसीलिए मुख्तलिफ मकातिब फ़िक्र के नजदीक इसके महफूज कहीं कम कहीं ज्यादा फर्क़ हैं सेमिनार की अध्यक्षता कर रहे बीरबल शर्मा ने कहा फिक़्शन ऐसी हर तहरीर जिसमें किसी वाकेया,कहानी या अफसाने को बयान किया जाए । फिक़्शन के जमरे में आयेंगी ।  इसलिए इसका दायरा वसीय हो जाता है । इसमें हिकायत भी शामिल है और तफसील भी दास्ताने नाविलियत भी शामिल है । तफ्सील भी दास्ताने नाविल और अफसाना तवील या मुख्तसर नाविल्यत और ड्रामा भी यहां तक की मन्ज़ूम दास्ताने भी और ऐसी मशनुयां भी मिलता है इस अवसर पर प्रदीप कुमार, हरनाम सिंह , डा अवधेश शर्मा भगवान प्रसाद , सुमन श्रीवास्तव कुलदीप शर्मा , सुनीता शर्मा ,करन  श्रीवास्तव , अनुराग श्रीवास्तव आदि तमाम लोग उपस्थित रहे कार्यक्रम के अंत में श्री भगवान प्रसाद ने सभी को आभार व्यक्त किया।

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