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सीतापुर : निजी स्कूलों पर अभिभावकों ने लगाया शोषण का आरोप,  अभिभावक परेशान , प्रशासन मौन

सीतापुर : निजी स्कूलों पर अभिभावकों ने लगाया शोषण का आरोप, अभिभावक परेशान , प्रशासन मौन

रिपोर्ट राकेश पाण्डेय

    सीतापुर। जनपद सीतापुर में निजी स्कूलों की मनमानी से प्रशासन अनभिज्ञ नहीं है, परन्तु मौन है। इसके पूर्व में भी लॉक डाउन के समय फीस का दबाब बनाने के चलते अभिभावकों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई थी। 

     प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद सीतापुर में  कोरोना महामारी के चलते, लोगो की जिंदगी के पहिये थम से गये हैं, जहां लोगो के सामने परिवार का पेट भरने के लिए संकट खड़ा हो गया है, जैसे तैसे लोग फिर से अपनी व परिवार की जिंदगी को दोबारा शुरू करने के लिए प्रयासरत हैं, वही निजी स्कूलों की मनमानी गले नहीं उतर रही है। लॉक डाउन में एक दिन भी बच्चा स्कूल नही गया, और अभिभावकों से फीस के नाम पर 35000 से 40000 हज़ार रुपये मांग की जा रही है।जहाँ एक तरफ कोरोना महामारी के चलते पूरा देश परेशान हैं,लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, तथा लोगो ने दया भावना से करोड़ो रूपये दान स्वरूप में देकर लोगो की आर्थिक रूप से मदद तक की है, वही निजी स्कूलों के मालिक साहूकारों वाला कठोर रवैया अपनाने से बाज नही आ रहे है।

    प्रश्न यह है कि 35,40 हज़ार रुपये अभिभावक कहा से लाये, जबकि बच्चा एक दिन भी स्कूल  स्कूल नहीं गया जिस कारण निजी स्कूलों में बिजली, पानी, आदि का खर्च न के बराबर हुआ।फिर भी  UKG के बच्चे से 35, 40 हज़ार रुपये फीस मांगना कहा का न्याय हैं। जब इंसान अपना और अपने परिवार का पेट नही भर पा रहा है, ऐसी स्थिति में इतनी फीस कैसे दी जाए, सोचनीय एवं चिंतनीय विषय है फीस नहीं दिए जाने की स्थिति में स्कूलों द्वारा बच्चों के रिजल्ट तक रोक दिए गए हैं, पाल्यों के अभिभावकों से कहा गया अगर फीस नहीं देंगे तो रिजल्ट नही दिया जाएगा।

    सीतापुर वासी अभिभावकों ने प्रशासन से गुहार लगायी हैं कि फीस के लिए बच्चों का रिजल्ट रोकने वाले ऐसे निजी स्कूलों के संचालको के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए तथा निजी स्कूलों की मान्यता व पंजीकरण निरस्त किया जाय या  लॉक डाउन की फीस माफ कराई जाए।जिससे बच्चों का अगली कक्षा में प्रवेश हो सके। इस सम्बन्ध में अगर प्रशासन ठोस कदम नहीं उठाता है, तो जल्दी ही एक प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के  मुख्यमंत्री  से मिलकर इस समस्या से उनको अवगत करायेगा, तथा ऐसे स्कूलों व स्कूल संचालको के नाम  भी अवगत करायेंगे जो कि शिक्षण के नाम पर जनता का शोषण करते है और अपनी तिजोरी भरने का कार्य करते है।

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