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बरसों पुराने दोस्तों का  सपना ' ऑरेंजबार पिघलती  रहीं का.' कहानी संग्रह का लोकार्पण

बरसों पुराने दोस्तों का सपना ' ऑरेंजबार पिघलती रहीं का.' कहानी संग्रह का लोकार्पण

  शशांक मिश्रा

लखनऊ। हिन्दी साहित्य के  विद्यार्थी ,लखनऊ  विश्वविद्यालय  के  बीस साल से भी पुराने  दोस्तों ने मिलकर  एक सपना  देखा  था  कि उनका  एक  साझा कहानी संग्रह  हो। ये  बरसों पुराना सपना  'ऑरेंज बार पिघलती रही...'कहानी संग्रह  के रूप मे साकार हुआ। इस सपने को साकार किया  प्रतिष्ठित प्रलेक प्रकाशन समूह ने। 

         'ऑरेंज बार पिघलती रही... 'कहानी संग्रह प्रतिष्ठित  लेखिका  रश्मि रविजा जी  के  संपादन  मे  प्रकाशित  हुई  है  ।इसकी कहानिया  डॉ जया आनंद,डॉ रंजना जायसवाल,

डॉ गीता  द्विवेदी,सीमा सिंह,अर्चना  गुप्ता द्वारा लिखित  हैं। पुस्तक का  लोकार्पण लखनऊ पुस्तक मेले में वरिष्ठ लेखकों और साहित्य प्रेमियों के बीच हुआ। लोकार्पण में  कहानी संग्रह के लेखक,बरसों पुराने मित्र  डॉ गीता द्विवेदी,सीमा सिंह,अर्चना गुप्ता  उपस्थित थे। दो अन्य लेखिका  डॉ जया आनंद,डॉ रंजना जायसवाल सजीव प्रसारण के माध्यम से जुड़े थे। लखनऊ विश्वविद्यालय के उनके मित्र भी सब इस लोकार्पण में उपस्थित थे।   

        इस शुभ  अवसर पर डॉ  गीता ने  सभी मित्रों का प्रतिनिधित्व करते अपने विचार व्यक्त किए। अर्चना गुप्ता और डॉ कोशी सिन्हा ने भी अपनी  भावनाओं को  अभिव्यक्ति दी। 

    दोस्ती का प्रतीक 'ऑरेंज बार पिघलती रही...' कहानी संग्रह  निश्चय ही पाठकों को अपनेपन का एहसास  कराएगी और  उनकी पसंद  बनेगी।


2 Responses to "बरसों पुराने दोस्तों का सपना ' ऑरेंजबार पिघलती रहीं का.' कहानी संग्रह का लोकार्पण "

डॉ जया आनंद ने कहा…

शुभकामनाएं

Unknown ने कहा…

उत्कृष्ट प्रस्तुति। बेहद अपनापन है

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