-->
इंसानों ने खतरे में डाला जानवरों का वजूद, प्रकृति पर मंडरा रहा है खतरा

इंसानों ने खतरे में डाला जानवरों का वजूद, प्रकृति पर मंडरा रहा है खतरा

दुधवा जंगल के कई ऐसे रास्ते जिनसे गुजरते हैं लोग  जानवरों पर हर वक्त रहता है खतरा

ब्यूरो चीफ़ अंकुल गिरी विरेन्द्र

पलियाकलां-खीरी। वैसे तो इंसान ने कुदरत को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी हैं सब कुछ खत्म होने की कगार पर आ गया है फिर भी इसकी मन नहीं भर रहा है। जंगलो या फिर नेचुरल संसाधनों की बात हर क्षेत्र में बढ़ती हुई इंसानी गतिविधियों ने पृथ्वी का संतुलन ही बिगाड़कर रख दिया है। ग्लोबल वार्मिंग के अलावा भी कई ऐसे खतरे हैं जो हमें खुली आंखों से नजर ऩहीं आ रहे हैं वो बहुत ही खतरनाक होते है। लेकिन लोगों के इसके बारे में बताने के लिए वैज्ञानिक शोध करते हैं और इस विषय पर शोध किया तो ज्ञात हुआ की शोध की नजर से देखे तो इंसानी दखल की वजह से धरती पर मौजूद बाकी जीवों का जीवन प्रभावित हो रहा है।

एक शोध से सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इन दिनों स्तनपायी जीवों के व्यवहार में आमूलचूल परिवर्तन देखा जा रहा हैं। आपको इसके बारे में बता दे कि घटते जंगल और बढ़ते इंसानी दखल की वजह से स्तनधारी जीव अपने अस्तित्व को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसकी ज़द मे कुछ जीव तो निशाचर बन चुके हैं। आपको शायद इसका कोई खास प्रभाव ना पड़े लेकिन बता दे कि ये स्वभाव के खिलाफ इन जानवरों का अजीब व्यवहार यह दर्शाता हैं कि अपने वजूद को बचाने के खातिर ये जानवर अब दिन की बजाए रात के समय विचरण करने लगे हैं। इसी तरह से इन जानवरों में कई तरह की गंभीर शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं क्योंकि कहीं न कहीं इंसानी दखल जंगलों में इतना बढ़ चुका है कि अब जानवरों के पास अपना वजूद खोने के बजाये और कुछ नहीं है। जानकारी के लिए बता दे कि दुधवा नेशनल पार्क के मुख्य सडक से तमाम रास्ते ऐसे हैं जहां गुप्त तरीके से तस्कर तथा आम लोगों ने बना रखें है जिससे लोगों का आना जाना काफी तादाद में लगा रहता है वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी ध्यान न देकर जानवरों के लिए ख़तरा बढ़ा रहे हैं। इसमें शिकारियों को भी शिकार करने में बड़ी आसानी हो जाती है तमाम दावे करने वाला वन विभाग मुख्य सड़क से गुजरने वाले गुप्त रास्तों पर नकेल कसने में विफलताओं का सामना कर नहीं रहा है एक सोचने का विषय यह भी है कि अगर जिस रास्ते पर वन विभाग शक्ति दिखाता है लोग तमाम तरीके का बहाना बनाकर उस रास्ते को खुलवाने के लिए जुगत में लग जाते हैं लेकिन उन बुद्धिजीवियों को यह नहीं मालूम की जंगल की सुरक्षा और जंगली जानवरों को बचाने के लिए वन विभाग कड़े नियम अख्तियार करता है क्योंकि धीरे-धीरे विलुप्त होती जंगल की प्रजातियां जंगल पर शंकट के बादल गहरा रहा है।

0 Response to "इंसानों ने खतरे में डाला जानवरों का वजूद, प्रकृति पर मंडरा रहा है खतरा"

एक टिप्पणी भेजें

Ad

ad 2

ad3

ad4