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शादी में दहेज और फ़िज़ूल खर्च को लेकर लोगो को जागरूक करेंगे शहर के उलमा

   ब्यूरो सगीर अमान उल्लाह

बाराबंकी। नगर की भितरी पीर बटावन के एक मिनारा मस्जिद में बाद नमाज़ ए ज़ुहर उलमा और शहर के तमाम इमामों की मौजूदगी में एक मीटिंग की गई। जिसकी सदारत मौलाना अब्दुल रज़्ज़ाक़ नदवी ने की।

जिस में ये तय किया गया कि मुसलमान अपनी शादी बियाह में ग़ैर शरई रस्म व रिवाज जैसे दहेज़ का लेन देन,नाच गाना,डीजे बजाना,और स्टेंडिंग खाना खिलाना वग़ैरह की पाबंदी पर चर्चा हुई,और ये भी तय हुआ कि निकाह को मस्जिदों और मदरसों में कराया जाए,और बेजा इख़राजात से बचा जाए। उलमा ने ये भी तय किया कि जिन शादी बियाह में अगर सुन्नत और शरीअत के ख़िलाफ़ कोई अमल होगा है,तो उस में उलमा और शहर भर की मसजिदों के इमाम शामिल नहीं होंगे।

उलमा ने फ़रमाया कि अगर मुसलमान अपने निकाह को सादगी से करने लगें तो क़ौम की बहुत सी परेशानियां आसानी से हल हो जाएंगी।

   मीटिंग में एक मीनार मस्जिद के इमाम मौलाना रफी क़ासमी, कारी सईद, मौलाना इमरान नदवी, मुफ़्ती यासिर,हाफिज इलियास,क़री सुहैल, मौलाना एखलाक नदवी, मोहम्मद नईम,सभासद, इशरत अली अंसारी, हाजी मोहम्मद इसरार,मुफ़्ती रिज़वान इमाम जामा मस्जिद आदि लोग शामिल हुए।

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