-->
सीतापुर : आखिर किसके संरक्षण में ठेकेदार ने चलाया फलदार आम के पेड़ों पर आरा,क्यों जिम्मेदार हैं खामोश ?

सीतापुर : आखिर किसके संरक्षण में ठेकेदार ने चलाया फलदार आम के पेड़ों पर आरा,क्यों जिम्मेदार हैं खामोश ?

  रिपोर्ट राकेश पाण्डेय

     सीतापुर। लगातार समाचार प्रकाशन के बाद हरगांव क्षेत्र मे लगे आम के उन पेड़ों पर आरा चल रहा है  जिन पेड़ों में अभी दस  दिनों के बाद फल आने वाले थे। इस सम्बन्ध में पूछने। पर क्षेत्रीय अधिकारियों ने कहा कि हम बड़े बड़े अखबार वालों को विज्ञापन देते हैं ऐसी स्थिति में पेड़ तो कटेंगे ही छोटे अखबारों वाले यदि समाचार प्रकाशित करते हैं तो करते रहें। फर्क क्या पड़ता है क्योंकि पेड़ों के कटान में सभी की सहभागिता होती है।

      सोचने वाली बात यह है कि कि फल देने वाले पेड़ों को काटने का आदेश वन विभाग के किस अधिकारी के स्तर से दिया गया। जिसके चलते बृहस्पतिवार की रात को आम के सात पेड़ काट लिए गए।

    ग्राम  मैनी पुरवा गांव के दक्षिण सरकारी नलकूप के पास प्रकाशनी पत्नी अयोध्या  निवासी नबीनगर केसरी गंज शिवाला बाजार के मौनी पुरवा गांव में लगे छोटे छोटे आम के फलों से लदे उन आम के सात पेड़ो पर जामुन के  लगभग  दस पेड़ों  पर कुछ  ठेकेदारो  द्वारा आरा चलाया गया। जिन आम के पेड़ों को काटा गया है  उन पेड़ो में आम के छोटे छोटे फल आने लगे थे । रात्रि में ही आम के व जामुन के पेड़ कट कर लकड़कट्टे चले गए वन विभाग  के डी.एफ.ओ. से  जब फोन पर बात हुई तो उन्होंने बताया यह मामला अब मेरे संज्ञान में आया है तत्काल प्रभाव से  जांच कर   कार्यवाही की जायेगी।  सोचनीय बात है कि कटेसर पुलिस चौकी के सन्निकट हरे भरे पेड़ों पर आरा चलाया गया पुलिस को जानकारी न हो पाना गले से नीचे नहीं उतर रहा है। कहीं क्षेत्रीय अधिकारी का कहना कि पेड़ों के कटान में सभी की सहभागिता होती है, सत्य लग रहा है।

      अब देखना यह है कि वन विभाग के जिम्मेदार क्या कार्रवाई करते हैं यह भविष्य के गर्भ में है।

0 Response to "सीतापुर : आखिर किसके संरक्षण में ठेकेदार ने चलाया फलदार आम के पेड़ों पर आरा,क्यों जिम्मेदार हैं खामोश ?"

टिप्पणी पोस्ट करें

Ad

ad 2

ad3

ad4