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नेपाल में भारतीयों का प्रतिबंध मगर नेपाली नागरिक भारतीय बाजारों में कर रहे चहल कदमी

नेपाल में भारतीयों का प्रतिबंध मगर नेपाली नागरिक भारतीय बाजारों में कर रहे चहल कदमी

ब्यूरो चीफ़ अंकुल गिरी विरेन्द्र

पलियाकलां (खीरी) गौरीफंटा। नेपाल ने भारतीयों पर प्रतिबंध लगा रखा है वही नेपाली नागरिक भारतीय बाजारों में चहल कदमी कर रह है।

इंडो नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों एवं संदिग्ध कार्यो में लिप्त तस्करों के वैश्विक महामारी में गुणकारी सावित हो रहे है। जिसके फलस्वरूप काले कारनामों को अंजाम देने वाले तस्कर अब बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों को झांसा देकर अंजाम दे रहे हैं ।

उल्लेखनीय हैं कि वैश्विक महामारी के चलते कई माह से भारत नेपाल सीमा जहाँ मालवाहक गाड़िया तथा नेपाली नागरिकों के लिये खुला हुआ है वही नेपाल सरकार के तुगलकी फरमान के चलते नेपाल में कई वर्षों से जीवन यापन कर रहे भारतीयों का नेपाल प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रखा है। लेकिन अगर बात करें नेपाली नागरिकों की तो बेधड़क भारतीय बॉर्डर पार कर खुलेआम 30 किलोमीटर दूर जाकर बाजार करते देखे जा सकते हैं यही हाल है कि नेपाली नागरिकों को जिस भी चीज की जरूरत पड़ती है बेधड़क सारे नियम कानून को ताक पर रखकर भारतीय बॉर्डर पार कर कोरोना के नियम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए देखे जा सकते हैं। जिसमे सीमा पर तैनात भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पर भी निजी स्वार्थ के चलते नेपाल का समर्थन कर रही है। जबकि भारतीय लोगों को नेपाल जाने के लिए पूरी तरीके से प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इसमें कहीं ना कहीं राजनीतिक संरक्षण और धनी लोगों के संरक्षण प्राप्त है जिसकी वजह से सिर्फ भारतीय लोगों पर ही इस कानून का डर दिखाया जाता है। वही चीन के इशारों पर नाचने वाली पार्टी ने कोरोना के नाम पर जहाँ अपने ही देश की जनता को महंगाई की भट्टी में झोंक दिया वही सीमा पर सक्रिय सफेदपोश तस्करो व बड़े उद्योग पतियों तथा ट्रेवल एजेजिसियो से मिलकर दोनो हाथों से लूट रही है और अघोषित नाका बंदी कर गरीब जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ाया जा रहा है वही भारत नेपाल के सदियों पुराने मधुर संबंधों में खाई खोदने का कार्य किया है। इसी के चलते कोरोना के नाम पर अघोषित नाका बंदी कर रसूखदार लोगो को फायदा पहुचा कर निजी स्वार्थ सिद्ध करने में लगी हुई हैं।जब प्रतिदिन हजारों नेपाली नागरिको भारतीय महानगरों से आवागमन होने से कोरोना नही फैल रहा तो मध्यम वर्गीय व नेपाल में बसे परिजनों से मिलने और दैनिक उपयोगी समान खरीदने से कैसे फैलेगा।

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