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हिन्दू युवा वाहिनी का कार्यकर्ता बता युवक ने तोड़ी श्मशान की बॉउंड्री,मुक़दमा दर्ज

ब्यूरो सगीर अमान उल्लाह

बाराबंकी। कमरिया बाद शमशान घाट जैन समाज के नाम से चला आ रहा है। जैन समाज के अध्यक्ष कमलेश कुमार जैन मंत्री अंकुर जैन उपाध्यक्ष महावीर जैन कोषाध्यक्ष  रमेश चंद जैन शरद जैन ने नगर कोतवाली बाराबंकी में प्रार्थना पत्र दिया। इससे पूर्व जेन समाज के लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बताया था कि कुछ लोग श्मशान घाट व मंदिरों को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।

 कमलेश जैन ने बताया इधर काफी दिनों से कुछ लोग श्मशान घाट को नुकसान पहुंचाना चाह रहे थे जो समय-समय पर मालूम हुआ करता था। श्मशान घाट में  जैन समाज के भगवानों की समाधि भी बनी हुई है जिसकी पूजा अर्चना जैन समाज द्वारा की जाती है और जनमानस भावनाये बनी रहती हैं। जैन समाज के लोग जब के श्मशान घाट मंदिर पहुंचे पूजा अर्चना करने के लिए देखा कि श्मशान घाट की दीवार टूटी हुई है। चौकीदार से मालूम किया को पता चला कि कुछ लोग आए थे और  श्मशान घाट की दीवार गिरा कर समाधि को  नुकसान पहुंचा कर चले गए। मालूम करने पर पता चला की शशि कांत द्विवेदी पुत्र राम शंकर द्विवेदी निवासी मोहल्ला सत्यप्रेमी नगर, सौरभ गुप्ता पुत्र आनंद प्रकाश  मोहल्ला सरावगी, सौरभ गुप्ता ज़ेवर महल  घंटाघर, राजा गणपति रॉय उर्फ भोलू  मोहल्ला पीरबतावान, अंकुश ज्योति अपने आपको हिंदू वाहिनी सभा का पदाघिकारी  कहता है। जैन समाज दबंगो के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहरीर देने पहुंचे। आदर्श नगर कोतवाली एफ आई आर दर्ज करने की मांग की  नगर कोतवाली ने सौरभ गुप्ता पुत्र आनन्द प्रकाश गुप्ता सौरभ गुप्ता ज़ेवर महल पुत्र अज्ञात राजा धनपति राय उर्फ भोलू, अतुल सिह पिता का नाम अज्ञात अमित सिंह, पिता का नाम अज्ञात के नाम  कोतवाली में धारा ए 147, 295, 427, अधिनियम दर्ज किया गया है

आपको बताते चलें दूसरे समुदायद के लोगों जिला अधिकारी को ज्ञापन दिया हिंदू समुदाय का  करना है यह शमशान घाट है जो करीब 100 से 150 वर्ष पुराना है इस श्मशान घाट में शहर के सिख समुदाय जैन समाज और हिंदू समाज के अंदर आने वाली सभी जातियों का श्मशान घाट कहा जाता है  हिंदू धर्म के लोगो का लगभग 70% आबादी का इस श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए लाया जाता है अभी हाल में दो-चार दिन दिनों में बाराबंकी  जैन समाज समिति के द्वारा श्मशान घाट पर अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया है जिसमें रातों-रात बाउंड्री वाल का निर्माण कराया गया है हिंदू धर्म के लोगों के करीब 50 से अधिक समाधि को नुकसान पहुंचाया गया है साथ ही श्मशान घाट में लगे बरसों पुराने पीपल बरगद के हरे पेड़ों को बिना अनुमति काटा गया है श्मशान घाट में बरसों पुराने कुआ को भी बंद करते खत्म कर दिया गया हैं श्मशान घाट पर  सिख समुदाय, जेन समाज, हिंदु समाज, अन्य जातियों का अंतिम संस्कार किया जाता है उन सभी जातियों में गुस्सा है सभी लोगों ने कहना है कि शमशान घाट सभी जातियों व धर्म के लोगों के लिए है ऐसे में किसी एक धर्म के लोग लोगों द्वारा श्मशान घाट भूमि पर अवैध कब्जा करना सही नही है श्मशान घाट पर अवैध कब्जा  करने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

दावा - वास्तव में गाटा संख्या 65 मुस्लिम कब्रिस्तान भू अभिलेख में है दर्ज

बाराबंकी। शहर के मोहल्ला  पैसार स्थित कब्रिस्तान की नान जे डे ए की भूमि घाटा संख्या 65 खाता संख्या 127  रकबा 437 हे व गाटा संख्या 51 खाता संख्या 115 व रकबा 0.0 77 हे  व 699 रकबा जीरो 0. 11 3 हे मोहाल खालिदा फजली आदि कब्रिस्तान दर्ज भू अभिलेख पर अवैध कब्जे हटाए जाने के संबंध में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड कमरिया बाग कब्रिस्तान  के अध्यक्ष मोहम्मद नईम में जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर कब्रिस्तान पर हो रहे अवैध कब्जे हटवाए जाने और कब्जे करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

कमेटी के अध्यक्ष मो नईम ने बताया कमरिया बाग कब्रिस्तान जो श्मशान घाट बताया जा रहा है वह अभिलेखों में गाटा संख्या 65 कब्रिस्तान भू अभिलेख म दर्ज़ है जिसे जैन समाज  सिख समाज  हिन्दू समाज अपना श्मशान घाट बता रहे हैं वह ज़मीन कब्रिस्तान नाम दर्ज है  अवगत कराया कि उपरोक्त गाटा मे पुराना कब्रिस्तान है जो कि दर्ज भूअभिलेख है। जिस पर नाजायज और अवैध कब्जा पड़ोसी व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से किए हुए हैं जिसे हटवाए जाना तथा कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित रखा जाना न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत आता है। कब्रिस्तान की भूमि किसी अन्य प्रकार के उपयोग में या निजी उपयोग में या किसी अन्य समुदाय द्वारा अवैध कब्जा व निर्माण को कानूनन हटाया जाना आवश्यक है। ताकि कब्रिस्तान की भूमि सुरक्षित रह सके जो कि किसी विधि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश में यह व्यवस्था दी हुई है कि कब्रिस्तान की भूमि दर्ज भू अभिलेख है तो उसका स्वरूप नहीं बदला जा सकता है। कब्रिस्तान की भूमि कब्रिस्तान के उपयोग में ही रहेगी।

  जिलाधिकारी से मांग करते हैं कि उक्त घटा संख्याओं पर कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जा एवं निर्माण हटवाए जाने मांग की है और जो लोगों ने अवैध निर्माण किया हुआ है जांच उपरांत उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दे जिससे न्याय संगत न्याय हो सके।

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