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बाराबंकी : शेख अबुल कासिम रह० के सालाना उर्स के मौके पर नातिया मुशायरे का आयोजन

बाराबंकी : शेख अबुल कासिम रह० के सालाना उर्स के मौके पर नातिया मुशायरे का आयोजन

सत्य स्वरूप संवाददाता

नैनामऊ, बाराबंकी। जनपद के नैनामऊ में शेख अबुल कासिम रह० की मजार पर लगने वाले सालाना उर्स के मौके पर मेला कमेटी द्वारा नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया, जिसमे देश के मशहूर शायरों ने अपने कलाम से मेले में आये हुए जायरीनों का दिल जीत लिया।

      आपको बताते चले कि रजब माह में शेख जी बाबा की मजार पर हर साल कमेटी के सदस्यों द्वारा मेले का आयोजन वर्षों से कराया जाता रहा है। कोरोना महामारी के चलते जनपद में पिछले वर्ष के मार्च माह के बाद किसी भी तरह के भीड़ भाड़ वाले आयोजनों पर प्रशासन द्वारा पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था। अब जब इस मेले की परमिशन प्रशासन द्वारा मिली तो आयोजकों और जायरीनों में उत्साह का माहौल दिखा। क्षेत्रीय लोगो का कहना था कि बहुत दिनों बाद किसी मेले में ऐसी भीड़ देखने को मिली है।

  जनाब हाफिज मोहम्मद जमील की सदारत में मुशायरे की निजामत अकरम जलालपुरी ने अपने शायराना अंदाज में इस शायरी को पढ़कर की- 

"सब जहाँगीर ओ जहाँ दार खड़े हो जाए।

सर झुकाए हुए सभी सरदार खड़े हो जाए।।

 खुल्द में जाने से रोकेगा  उसे  कौन भला।

 जिसके हक़ में मेरे सरकार खड़े हो जाए"।।

    मुशायरे के शुरुआत में हाफिज इमलाक नैनामवी ने अपने कलाम से बेहतरीन समा बना दिया। इसके बाद मेहमान शायरो शमशीर जहाँगंजवी, मुमताज तांडवी, संदल जलालपुरी, असद आज़मी की शायरी को सुनने के लिए हज़ारो की तादाद में लोग पंडाल में इकट्ठा रहे। लोगो की भीड़ की वजह से सर्द मौसम में भी गर्मी जैसा माहौल रहा। मेले में व्यवस्था बनाये रखने के लिए कमेटी के सदस्यों ने पुख्ता इंतेजाम किये थे। मेला कमेटी के सदस्यों नुरूलहसन उर्फ बेबी, करामत अली, सहयोगी जलालुद्दीन अंसारी व नियामत अली के सहयोग से मेल व मुशायरा कामयाब रहा। 


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