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अवैध गतिविधियों में लिप्त तस्करों के लिए वरदान बनी नेपाल की खुली सीमा

    ब्यूरो चीफ़ अंकुल गिरी विरेन्द्र

पलियाकलां-खीरी। पलिया तहसील क्षेत्र से जुड़ी नेपाल राष्ट्र की खुली सीमा तस्करों के लिए वरदान साबित हो रही है। एसएसबी तथा पुलिस को चकमा देकर तस्कर करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ देश में पहुंचा रहे हैं। महीनों से चल रहे लॉकडाउन का भी इस धंधे पर कोई खास असर नहीं दिखाई दिया जबकि पलिया तहसील की करीब 80 किमी लंबी सीमा नेपाल राष्ट्र से सटी हुई है। जिसमें नेपाल का एक बड़ा शहर का हिस्सा भी तस्करों के निशाने पर रहता है। इस सीमा के तमाम पगडंडियों के रास्तों का भरपूर इस्तेमाल दोनों देशों के लोग करते हैं। दोनों देशों के बीच रोटी बेटी का संबंध भी माना जाता है। इसी खुली सीमा का लाभ तस्कर भी उठा रहे हैं। यह लोग एसएसबी तथा पुलिस को चकमा देकर करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ जिले के रास्ते दिल्ली, पंजाब व महाराष्ट्र आदि प्रदेशों में बड़ी आसानी से पहुंचा रहे हैैं। यह खुलासा पकड़े गए तस्करों ने पूछताछ में भी किया है। तस्करी के इस धंधे में भारत तथा नेपाल राष्ट्र के बड़े अपराधी भी शामिल है। यह अपराधी चरस, कोकीन, हेरोइन, गांजा व हशीस आदि की तस्करी कर रहे हैं। इसके साथ-साथ अवैध असलहा, नकली नोट व उर्वरकों की भी तस्करी हो रही है। इसकी पुष्टि पूर्व में पकड़े गए तस्करों ने भी की है।

मानव तस्कर भी हैं सक्रिय

मादक पदार्थों व सामानों के साथ-साथ नेपाल सीमा पर मानव तस्करी की घटनाएं भी आए दिन होती रहती है। एसएसबी ने कई बार तस्करी कर भारत लाई जा रही नेपाली लड़कियों को तस्करों से मुक्त कराकर उन्हें वापस नेपाल प्रहरी के हवाले किया है। मानव तस्कर नेपाली गरीब परिवारों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं।

दिन-रात निगरानी करती एसएसबी नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल के जवान देश विरोधी गतिविधियों तथा तस्करी आदि को रोकने के लिए दिन रात निगरानी करते है। इसके अलावा सीमा क्षेत्र की पुलिस तथा खुफिया एजेंसियां भी इन पर नजर रखती हैं। इसके बावजूद तस्कर अपने मंसूबों को अंजाम देने में सफल दिख रहे हैं। अभी करीब 15 दिन पूर्व संपूर्णानगर थाना क्षेत्र के बसही में पीलीभीत एस. एस. बी. 49 वी बिटालियन ने गश्त के दौरान कई बार कार्रवाई करते हुए ब्राउन शुगर चरस के साथ युवा तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी है लेकिन कहीं ना कहीं एक सवाल दिया भी खड़ा होता है कि अन्य बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियां व अन्य नाकों पर मौजूद सुरक्षाकर्मी क्या कर रहे हैं यह अपने आप में सवाल खड़ा हो रहा है। जबकि गौरीफंटा, सूंडा, चंदन चौकी, देवराही, भूडा, बनकटी, ढकिया, बरिया, कजरिया, सेंडा बेड़ा, सहित तमाम रास्तों से अवैध धंधों में लिफ्त तस्कर अंजाम देने में बखूबी लगे हुए हैं।

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