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नेपाली कंपनियों के सिमों पर भारतीय का नाम लिखकर रची जा रही साजिश


बॉर्डर पर बैठकर अराजकतत्व व तस्कर रच रहे षड्यंत्र

ब्यूरो चीफ़ अंकुल गिरी विरेन्द्र

पलियाकलां-खीरी गौरीफंटा। इन दिनों फर्जी नामों पर नेपाली सिम काफी चर्चाओं में हैं। बताया जाता है की बॉर्डर पर अराजक तत्वों में लीन एवं तस्करी के कामो में सम्मिलित तस्करों ने पहले नेपाली कंपनियों के सिमों को तस्करी करने के लिए बखूबी इस्तेमाल किया और ऐसा नहीं है कि सिर्फ तस्करों ने ही इस सिम को इस्तेमाल कर रहे हैं बल्कि अराजकतत्व किसम के लोग भी इसका इस्तेमाल करने में जुटे हुए हैं। जबकि भारतीय बॉर्डर के तमाम विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी भरपूर तरीके से नेपाली कम्पनियों के सिमों को इस्तेमाल कर रहे हैं और व्हाट्सएप, फेसबुक, टि्वटर भी इंस्टॉल करके चलाते साफ देखे जाते हैं यही मामला कुछ महीने पहले का है जहां गौरीफंटा थाना क्षेत्र के सूंडा बिओबी प्रभारी एस. एस.बी.जवान के नेपाली नम्बर पर लिखा था जय नेपाल और उसने अपनी तस्वीर भी लगा रखी थी यही नहीं शोसल नेटवर्क पर तेजी से वायरल भी हुई और कई दैनिक अखबारों में खबरें प्रकाशित हुई थी इन्ही हरकतों से एस.एस.बी. के आला अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए उस जवान पर कार्रवाई करते हुए सूंडा से हटाकर गौरीफंटा बॉर्डर पर भेज दिया। लेकिन यह सिलसिला यही नहीं रुका उसके बाद भी तस्कर व अराजकतत्व ने मोर्चा संभालते हुए ऐसे न जाने कितने सिंम चालू करते हुए तमाम भारतीय लोगों के नाम पर सिम चालू कर लिया और बदनाम करने की कोशिश जारी कर दी। लेकिन कहीं ना कहीं इसी की आड़ में कुछ अराजक तत्व व तस्कर किस्म के लोगो ने भी यही रूख अख्तियार करते हुए पलिया के संम्मानित लोगों के नाम से ही सिम चालू करके एक दूसरे को बदनाम करने के लिए साजिशें रचनी सुरू कर दिए हैं। कुछ नेपाली नंबर चल रहे हैं जिनपर भारतीय लोगों के नाम शो कर रहे हैं जबकि भारतीय व्यक्ति को भी यह जानकारी नहीं है कि नेपाली सिम पर नाम लिखकर अराजक तत्वों के लोग क्या साजिशें कर रहे है। कुछ नम्बर भारतीय व्हाट्सएप ग्रुप पर जोड़ने के लिए दिए गए हैं जिनमें साफ-साफ भारतीय नाम शो करते देखे जा रहे हैं लेकिन उसके बाद भी प्रशासन ऐसे लोगों पर कार्रवाई आखिर क्यों नहीं कर रहा है। जबकि पलिया के सम्मानित लोगों के नाम लिखा होना बताया जा रहा है ऐसे किसी भी सिम से किसी का कोई ताल्लुक नहीं है। वही नगर समाजसेवी ने कहा कि बॉर्डर पर बैठकर कुछ अराजक तत्व यह खेल खेल रहे हैं उसपर लगाम लगाने की जरूरत है ‌बही बुद्धि जीवीयो ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसपर विचार करने की जरूरत है इस तरह से अगर कोई कर रहा है तो सभी लोगों को आगे आकर कार्रवाई करने की जरूरत है कोई भी किसी का नाम फर्जी नेपाली सिम पर ऐसे कैसे इस्तेमाल कर रहा है। वही अब यही सिम बॉर्डर पर बैठे अराजक तत्व व तस्कर सम्मानित लोगों को नुक्सान पहुंचाने लिए अब इस्तेमाल करने लगे हैं और यही नहीं बार्डर पर बसी भारतिय मंडियों में यह सिम प्रतिबंधित होने के बावजूद जम कर बेची जा रही है जो बिना आईडी के सिर्फ चंद रुपयों में हर किसी को बड़ी आसानी से मिल जाती है। जबकि भारत में बिना आईडी के किसी भी कम्पनी के सिम मिलना नामुमकिन है। वही अगर बात करें एक नया हथकंडे की तो साजिश के तहत इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है और खूब चर्चाएं होती देखी जा रही है कहीं ना कहीं एक संदेश यह भी जताया जा रहा है की बॉर्डर पर बैठने वाले अराजक तत्व व तस्कर अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वालो के इसारे पर तो  नहीं कार्य कर रहे हैं जो भारत और नेपाल की सुरक्षा के लिए ख़तरा साबित हो सकती है।

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