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नगर में तेजी से पैर पसार रही कई संस्थाएं कभी भी हो सकती है बड़ी घटना

संस्थाओं के नाम पर हो रही लोगों से धोखाधड़ी, अधिकारी मौन

ब्यूरो चीफ़ अंकुल गिरी विरेन्द्र

पलियाकलां (खीरी)। नगर में भ्रामकता और फर्जीवाड़ा करने के लिए कई संस्थाओं का चोला ओढ़कर लोगों के साथ नए-नए हथकंडे और नगर के लोगों को मूर्ख बनाकर धन उगाही का कारनामा कर रहे हैं। जबकि इन्हीं फर्जी संस्थाओं से नगर में शांति व्यवस्था और दंगे फसाद जैसी अफवाह भी फैलाई जा सकती है। वहीं अगर महानगरों की बात की जाए तो कई संस्थाओं के नाम सामने आ चुके हैं जिनमें दंगा फसाद करने के लिए अहम रोल अदा की है। बताया जाता है कि पलिया तहसील क्षेत्र में कई संस्थाएं अवैध फर्जी रजिस्ट्रेशन पर चलाई जा रही है जिसमें कुछ संस्थाओं ने फर्जीवाड़े की हदें  इतनी पार कर दी कि अब पलिया के क्षेत्रों पर संकट मंडराने लगा है। सूत्रों से मिली जानकारी में बताया गया है कि नगर में जिस तरह से फर्जी रजिस्ट्रेशन कर कई संस्थाओं ने अपनी जड़े जमा ली है तो वही कुछ संस्थाओं के नाम पर अवैध धन उगाही और तस्करी जैसे कारनामों में सम्मिलित होने अनुमान लगाया जा रहा हैं। यही नहीं नाम ना छापने पर नगर के एक युवक ने संस्थाओं की पोल खोलते हुए कहा कि कुछ दलालों ने नगर में संस्था का चोला ओढ़कर भ्रामक खबरें और नगर के लोगों को मूर्ख बना कर अंदर ही अंदर धन उगाही का कार्य और खाने कमाने का जरिया बना रखा हैं। जबकि कुछ महीनो पहले कई संस्थाओं का फर्जीवाड़ा उजागर भी हो चुका है लेकिन नगर में जिस तरीके से नई-नई संस्थाओं ने जन्म लेकर पैर पसारना सुरू किया है उससे पलिया के आम जनता पर इसका सीधा असर पड़ सकता है और संकट के बादल मंडराने शुरू हो गए हैं। अगर बात करें पलिया उन अधिकारियों की जो आफिस में बैठकर दिशा निर्देश देते हैं लेकिन नगर में जिस तरीके फर्जीवाड़े की तरह संस्थाएं चलाई जा रही हैं उस पर नकेल कसने की जरूरत भी नहीं समझते। जबकि इसी की आड़ में कई फर्जीवाड़ा और धोका धडी जैसे कारनामे सामने आ चुके हैं। जिसमें से ले-देकर निटारा कर दिया गया। वही अगर बात करें चलाए जा रहे फर्जीवाड़े संस्थाओं पर लगाम लगाने की तो अधिकारी भी लगाम नहीं लगा पा रहे हैं, करीब दो दर्जन से ज्यादा फर्जी संस्थाएं नगर के मासूमियत का फायदा उठाते हुए धन उगाही और तस्करी जैसे कारनामों में सम्मिलित है। जबकि इन्हीं की आड़ में पलिया में भी महानगरों जैसी घटनाएं घट सकती हैं। अब देखना होगा नगर में चल रहे हैं ऐसे फर्जीवाड़े संस्थाओं पर अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।

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