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बेसिक शिक्षक ने प्रताड़ना से तंग आकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से लगाई न्याय की गुहार

बेसिक शिक्षक ने प्रताड़ना से तंग आकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से लगाई न्याय की गुहार

सत्य स्वरूप न्यूज़ नेटवर्क

हरदोई। भरावन ब्लॉक के संविलियन  उच्च प्राथमिक छातिहा मांझगाव विद्यालय में तैनात दलित शिक्षक हरीशंकर ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग सहित दर्जनों अधिकारीयों को पत्र भेजकर हरदोई बेसिक शिक्षा के जिला समन्वयक राकेश कुमार शुक्ला प्रशिक्षण व एआरपी सचिन मिश्रा पर गम्भीर आरोप लगाये पूरा मामला कुछ इस तरह है इक्कीस दिसंबर को साढ़े नौ बजे ब्लाक में तैनात एआरपी सचिन मिश्रा द्वारा विभाग के बने वाटसप ग्रुप पर एक फोटो डाला जिसमें ये दिखाया गया है कि उच्च प्राथमिक विद्यालय छातिहा मांझगाव बन्द पाया गया जिसकी आख्या जिला समन्वयक हरदोई को भेज दिया जिसके आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पीड़ित अध्यापक  हरिशंकर का एक दिन का वेतन काट दिया गया वहीं पीड़ित अध्यापक का आरोप है कि एआरपी सचिन द्वारा कूटरचित आख्या भेजी गई क्योंकि उसी विद्यालय में चार अध्यापक और भी तैनात है अगर स्कूल बंद पाया गया तो सभी अध्यापकों का वेतन कटना चाहिए था सभी अध्यापकों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए थी सिर्फ मेरा ही वेतन एक दिन का क्यों कटा गया  पीड़ित अध्यापक ने पत्र में आरोप लगाया कि वह खंड शिक्षा अधिकारी भरावन के निर्देश पर ब्लाक संसाधन केंद्र पर स्वेटर वितरण करा रहा था पीड़ित अध्यापक ने आरोप लगाया कि जिला समन्वयक राकेश कुमार शुक्ला द्वारा जनपद कार्यालय पर जातिसूचक व अपमान जनक शब्दों का प्रयोग किया जा चुका है इतना ही नहीं ब्लाक भ्रमण के दौरान भी जाति सूचक व अपमान शब्दों का प्रयोग किया जा चुका है वही पत्र में लिखा वरिष्ठता को लेकर एआरपी सचिन मिश्रा ने माननीय उच्च न्यायालय गये थे जहां पर आदेश पीड़ित के पंक्ष में आया था जिसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बीईओ कार्यालय को पत्र भेजकर मुझे विद्यालय का चार्ज दिये जाने इसके दिया था खन्ड शिक्षा अधिकारी भरावन ने लिखित आदेश दिया की मुझे विद्यालय का चार्ज दिया जाये लेकिन आज तक सचिन कुमार द्वारा मुझे चार्ज नहीं दिया गया उल्टा मुझे प्रताड़ित किया जाने लगा इस काम में सजातीय होने के कारण जिला समन्वयक राकेश कुमार शुक्ला भी एआरपी सचिन का साथ दे रहे हैं वहीं पीड़ित अध्यापक हरिशंकर ने आरोप लगाया कि सचिन द्वारा प्राथमिक विद्यालय छातिहा मांझगाव से मुक्त होकर एआरपी पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया लेकिन चार्ज आज तक नही छोड़ा जिससे कोविड-19 में आई धनराशि अभी तक बच्चों के अभिभावकों के खातो मे स्थान्तरित नहीं हो सकी तथा पुरानी टीसी की आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को नहीं उपलब्ध हो पा रही है तथा नियमों को ताक पर रखकर सचिन द्वारा प्राथमिक विद्यालय की अलग उपस्थित पंजिका बना रखी तथा प्राथमिक विद्यालय में तैनात अध्यापकों पर दबाव बनाकर अलग ही उनसे हस्ताक्षर करवाते हैं।

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