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चोरी का केस लिखाने पहुंचे जौनपुर के एसपी, थानाध्यक्ष ने दी धौंस

चोरी का केस लिखाने पहुंचे जौनपुर के एसपी, थानाध्यक्ष ने दी धौंस


     मनोज यादव

   जौनपुर। जौनपुर एस पी ने थानों पर पुलिस की कार्यशैली को परखना का बहुत ही अच्छा तरीका अपनाया। सिर पर टोपी और चेहरे पर मास्क लगाकर यूपी के जौनपुर जिले के एसपी राजकरन नय्यर बृहस्पतिवार की रात सिकरारा थाने में बाइक चोरी का मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे। थानाध्यक्ष अंगद तिवारी ने उन्हें थानेदारी दिखानी शुरू कर दी। इतने सवाल पूछे कि लगा एसपी ने ही बाइक चुराई हो। इस व्यवहार से नाराज एसपी ने तत्काल थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया। फिर एसपी साहब मछलीशहर कोतवाली भी पहुंचे। हालांकि वहां के प्रभारी परीक्षा में पास हो गए, लेकिन दो सिपाही पिकेट से गायब थे। उन्हें निलंबित कर दिया। 

   एसपी मछलीशहर कोतवाली में पहुंचे, यहां थाने में तैनात मुंशी एसपी को पहचान नहीं सका। उन्होंने मुंशी से कहा कि रोडवेज बस स्टैंड से उनकी बाइक चोरी हो गई। रिपोर्ट दर्ज करानी है। कोतवाल के बारे में पूछा तो मुंशी ने बताया कि वह गश्त पर निकले हैं। एसपी ने बात कराने को कहा तो मुंशी ने फोन पर बात करा दी। फोन पर एसपी ने कोतवाल से कहा कि बाइक चोरी हो गई है। रिपोर्ट दर्ज करानी है, कोतवाल ने चुंगी चौराहे पर एसआई रामायण यादव से संपर्क करने को कहा और बताया कि वह खुद दबिश के सिलसिले में मुंगराबादशाहपुर में हैं। एसपी ने अपना परिचय देते हुए वीडियो काल से लोकेशन की पुष्टि कराने को कहा। वीडियो काल पर कोतवाल दिनेश प्रकाश पांडेय मुंगराबादशाहपुर थाने में दिखे। यहां से उन्होंने कस्बे में सुजानगंज चौराहे और बरईपार चौराहे पर गश्त में लगे सिपाहियों की ड्यूटी की पड़ताल की तो दोनों मौके पर नहीं थे। दोनों सिपाहियों को उन्होंने निलंबित कर दिया। एसपी ने मुंगराबादशाहपुर व बरसठी थानाध्यक्ष से भी वीडियो काल पर लोकेशन की जांच की। जब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ऐसे ही कार्यशैली की जाएगी तभी थानों पर तैनात थानेदार की मनमानी खत्म होगी और पीड़ित को थाने के चक्कर नही काटने पड़ेंगे।

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