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इक्कीसवीं सदी का इक्कीसवॉं साल सभी के लिये मंगलमय हो

इक्कीसवीं सदी का इक्कीसवॉं साल सभी के लिये मंगलमय हो

  • कोरोना वाॅरियर्स और सीमाओं पर खड़े जवान किसी फरिश्ते से कम नहीं

  • साल जरूर बदल रहा है पर साथ नहीं-स्वामी चिदानन्द सरस्वती


सत्य स्वरूप 

ऋषिकेश। आज पूरा विश्व वर्ष 2020 को अलविदा कर रहा है और नव वर्ष का स्वागत करने को तैयार है। वर्ष 2020 हर किसी के लिए एक चुनौतीपूर्ण वर्ष रहा है। कोविड -19 और लॉकडाउन के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था खतरे में रही, बड़ी संख्या में युवा जाॅबलेस हुये, सामाजिक तनाव और चिंता के कारण वैश्विक आबादी में  भय और निराशा की भावनायें उत्पन्न हुई परन्तु इस वर्ष ने एकजुटता का पाठ भी पढ़ाया।
नववर्ष की पूर्व संध्या पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने 2020 में जिन्होंने दूसरों की रक्षा के लिये अपने प्राणों की आहुति दी उन सभी फरिश्तों को श्रद्धाजंलि देते हुये कहा कि जो सुख में साथ देते है वे रिश्ते होते है और जो दुःख में साथ दें वे फरिश्ते होते हैं। हमारे सभी कोरोना वाॅरियर्स और सीमा पर खड़े जवान किसी फरिश्ते से कम नहीं हैं। 2020 मेें शहीद हुये जवानों और कोरोना वाॅरियर्स की कुर्बानी को नमन और भावभीनी श्रद्धांजलि।
आज वर्ष 2020 का अन्तिम दिन है और सभी नव वर्ष का स्वागत करने हेतु तैयार हैं। वर्ष 2021 सभी के लिये मंगलमय हो, सभी को जीवन का श्रेष्ठ पथ प्राप्त हो, सभी के जीवन में दिव्यता का जागरण हो और यह वर्ष हमें श्रेष्ठ गंतव्य की ओर लें जायें, सभी स्वास्थ्य और खुशहाल रहें, सभी का आध्यात्मिक उत्थान हो, हमारे देश में समृद्धि और सद्भाव से परिपूर्ण वातावरण बना रहें, परमार्थ निकेतन माँ गंगा के तट से सभी के लिये विशेष प्रार्थना एवं शुभकामनायें।
स्वामी जी ने कहा कि यह भी याद रखें कि साल जरूर बदल रहा है पर साथ नहीं। अपना साथ, अपनों का साथ और परमात्मा का साथ बहुत जरूरी है। अपना साथ जीवन में आत्मविश्वास, हिम्मत और धैर्य पैदा करता है, अपनों का साथ प्रत्येक क्षण आनन्दमय जीवन प्रदान करता है और परमात्मा का साथ ही सब कुछ है। ’’जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये’’ इस भाव से जियें और प्रभु का साथ हर पल  महसूस करें।

स्वामी जी ने कहा कि नव वर्ष में ‘साधना, सेवा और समर्पण’ इन तीन पिलर्स के माध्यम से अपने जीवन को शुद्ध, बुद्ध और समृद्ध करें। नव वर्ष के अवसर पर अपनी एक दिनचर्या बनायें; एक टाईम टेबल बनायें नियमित रूप से प्रातःकाल उठना, योग, ध्यान, प्राणायाम, कम से कम एक हजार तेज कदम चलना, रात्रि को जल्दी सोना और सात्विक व जैविक आहार ग्रहण करने संकल्प करें क्योंकि संकल्प ही हमारे जीवन को स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त बनाता हैं। संकल्प से ही सिद्धि होती है।
 आज परमार्थ निकेतन में राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एस डी आर एफ) के जवानों ने परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों और परमार्थ परिवार के सदस्यों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करते हुये, सुरक्षित रहने हेतु प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षक टीम के जवान हिमांशु नेगी, सुमित तोमर, रोहित परिहार, संदीप सिंह ने श्री रामअनन्त तिवारी जी को कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु निर्देश पुस्तिका भेंट की।

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