-->

ad

अस्पताल में डॉक्टर की कमी से,मरीज परेशान प्राइवेट अस्पतालों में मजबूरन कराते हैं इलाज

अस्पताल में डॉक्टर की कमी से,मरीज परेशान प्राइवेट अस्पतालों में मजबूरन कराते हैं इलाज


    ब्यूरो चीफ़ अंकुल गिरी विरेन्द्र

वार्ड बॉय व फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा कजरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

पलिया कलां लखीमपुर खीरी से 90 किलोमीटर दूर गौरीफंटा के कजरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों की कमी से मरीज मजबूर होकर प्राइवेट अस्पतालों का रुक करते हुए इलाज करवा रहे हैं कमी के चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। सर्दी का मौसम शुरू होते ही तमाम बीमारियां भी शुरू हो जाती हैं लेकिन इलाज करने वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोई नहीं है वही जब हालात की जानकारी लेनी चाहिए तो मौजूद स्टाफ नर्स ने बताया कि डॉक्टर साहब की हफ्ते भर से कहीं और ड्यूटी लगाई गई है जहां वह इलाज करने जा रहे हैं जबकि कजरिया में उपस्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दूरदराज से आने वाले मरीजों को इलाज ना मिल पाने के कारण गौरीफंटा से 32 किलोमीटर दूर पलिया के प्राइवेट अस्पतालों में दिखाना पड़ता है वहीं सूत्रों से जानकारी मिली है कि डॉक्टर साहब आते तो हैं लेकिन खानापूर्ति ही करके चले जाते हैं ऐसा नहीं है कि किसी को इन सब बातों के बारे में मालूम नहीं है सब जानकर भी स्वास्थ्य विभाग अनजान बना हुआ है। वही कजरिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की कई अन्य और भी लोगों ने जानकारी देते हुए बताया है कि यहां पर इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया तो गया है लेकिनगांव वालों को इसका कोई भी लाभ नहीं मिल पा रहा है जबकि फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय के ही सहारे कभी कभार देख लिया जाता है नहीं तो वह भी देखना मुनासिब नहीं समझते इस कारण लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।

रामकिशोर राना

मेरी तबियत ठीक नहीं है। पेट में भी बहुत दर्द है। कजरिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गया जहां पर डॉक्टर साहब नहीं थे सुबह से दोपहर तक इंतजार करने के बाद पलिया दिखाने जा रहा हूं।

सकीला देवी

मौसम बदलने से काफी तेज बुखार चढ़ा गया था रात भर पट्टी रखकर किसी तरीके से बुखार को कंट्रोल किया उसके बाद जब सुबह कजरिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गई तो गेट पर ताला लगा हुआ था काफी देर इंतजार करने के बाद जब डॉक्टर साहब नहीं आए तो हम पलिया में दिखाने चले गए।

0 Response to "अस्पताल में डॉक्टर की कमी से,मरीज परेशान प्राइवेट अस्पतालों में मजबूरन कराते हैं इलाज"

टिप्पणी पोस्ट करें

Ad

ad 2

ad3

ad4