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सख्ती के बाद भी फेल हो रही सीएम योगी की पुलिस

सख्ती के बाद भी फेल हो रही सीएम योगी की पुलिस


थाना प्रभारी नहीं रोक पा रहे क्राइम, जानिए क्या है कहानी


  ब्यूरो चीफ़ अंकुल गिरी


पलियाकलां-खीरी। पुलिसकर्मियों के हाथों में रहता है एंड्राइड मोबाइल और कानों में लगी होगी लीड़ तो कैसे होगी नगर की सुरक्षा व्यवस्था उठ रहे सवाल।


   सीएम योगी सरकार क्राइम कंट्रोल करने में नाकामयाब साबित हो रही है। जिले के अधिकारियों की सारी सख्ती के बाद भी थानों की पुलिस फेल होती जा रही है। ताबड़तोड़ आपराधिक घटनाओं ने बीजेपी नेताओं की नींद उड़ा दी है। सपा सरकार पर अपराध को लेकर हमला करने वाली बीजेपी अब इसी मुद्दे पर बैकफुट पर आ गयी है। पुलिस की असफलता के पीछे एक रिपोर्ट यह है जिसे पुलिस अधिकारी भी संज्ञान नहीं ले रहे हैं।


   कानून व्यवस्था की स्थिति संभालने के लिए पुलिस को खुफिया विभाग का सहयोग मिलता है। कई संभावित घटनाओं की जानकारी खुफिया विभाग पहले से ही दे देता है, जिसके आधार पर पुलिस कार्रवाई करती है। हाल के दिनों की बात की जाये तो खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर पुलिस ध्यान नहीं दे रही है। कारण यह है कि कुछ तस्कर व अपराधियों एवं छुट्टियां नेताओं के कारण कानून व्यवस्था चौपट होती जा रही हैं और हो भी क्यों ना जब सभी विभागों को लालच का सहारा मिल गया हो तो क्यों ना नगर में क्राइम बढ़ने और अपराधियों को खुलेआम घूमते देखा जाना जाएगा यही कारण है कि शासन प्रशासन की शक्ति सिर्फ हवा हवाई दिखनी शुरू हो जाती है। खास बात है कि खुफिया विभाग  रिपोर्ट तो देती है लेकिन शासन प्रशासन इसको लेकर खासा गंभीरता नहीं दिखाई देता है।


   पुलिसकर्मियों के हाथों में रहता है एंड्राइड मोबाइल और कानों में लगी होगी लीड तो कैसे होगी नगर की सुरक्षा उठ रहे सवाल पुलिस की असफलता के पीछे एंड्राइड मोबाइल और कानों में लगी होगी लीड को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इस समय सबसे अधिक अपराध जिला लखीमपुर-खीरी के तहसील पलिया में हुआ जहां पर दर्जनों ऐसे अपराध हैं जिनका खुलासा पलिया थाने ने अभी तक नहीं किया है यही नहीं कई अन्य थानों में भी जैसे संपूर्णानगर, चंदन चौकी सहित कई अन्य थाने हैं जिनमें अपराध होते हुए भी गंभीर नहीं दिखाई देते हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि अपराध होने के बाद सभी अपराधिक घटनाओं को उच्च अधिकारियों के निगाहों सें छुपा दिया जाता है उसका सबसे बड़ा कारण यह है की जिले से 80 किलोमीटर दूर थानों पर एसपी का आवागमन ज्यादातर नहीं रहता है इसी का फायदा उठाते हुए कुछ थानेदार मलाई काटने में व्यस्त दिखाई देते हैं। जबकि जिले पर आए तेजतर्रार विजय ढूल ने पलिया सीओ ऑफिस में फटकार लगाते हुए सभी थाना प्रभारियों को लगातार हो रही घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दिशा निर्देश दिए थे। लेकिन पलिया संपूर्णानगर चंदन चौकी के थाना प्रभारियों पर इसका असर नहीं दिखाई दे रहा है। कई बार ऐसा भी होता है कि जल्द खुलासे के चक्कर में थाना प्रभारी पुराने अपराधियों को नये केस में फंसा देती है।


   इसके चलते अपराध करने वाले अपराधियों का मनोबल बढ़ जाता है। पुलिस में नयी भर्ती में आये युवक अभी तक पुलिस कार्यप्रणाली से अवगत नहीं हो पाये हैं। अन्य सरकारी नौकरी की तरह नये युवक पुलिस की भी नौकरी कर रहे हैं। पिकेट पर तैनात नये पुलिसकर्मी के हाथ में मोबाइल फोन होता है। ईयरफोन कान में लगा होता है और वह फेसबुक व वाट्सअप पर व्यस्त रहते हैं। नये सिपाहियों से लेकर दरोगा चाहते हुए भी क्राइम कंट्रोल नहीं कर पाते हैं एक कारण यह भी है कि पुलिस और जनता के बीच मनमुटाव होने से इसका खासा असर भी देखा जाता है कि नगर में हो रही अपराधिक घटनाओं को पुलिस की तानाशाही के कारण विलंब दिखाई दे रही है और नगर व ग्रामीण इलाकों के लोग पुलिस से काफी दूरी बनाए हुए हैं।


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