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 बढ़ती बेरोजगारी और भारत सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

बढ़ती बेरोजगारी और भारत सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

     अनवर अशरफ 

    कानपुर। केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मँच के आह्वान पर गुरुवार दिनांक 26/11/2020 को संपन्न हुई देशव्यापी हड़ताल का ओईएफ फूलबाग कानपुर की किला मजदूर यूनियन, इंप्लाइज यूनियन और ओईएफ मजदूर संघ के संयुक्त मोर्चे ने नैतिक और मौलिक समर्थन करते हुए ओईएफ गेट पर सभी कर्मचारियों को काला फीता बाँधकर विरोध-प्रदर्शन किया। संयुक्त मोर्च के नेता सिद्धनाथ तिवारी, पी. के. चटर्जी और देवेंद्र शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की पूंजीवादी की नीति चलते आज देश का सारा मजदूर वर्ग बेहाल है। केंद्र सरकार की हठधर्मिता के चलते आज सभी असंगठित और संगठित क्षेत्र के कामगारों और मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है़। निजीकरण नीति के कारण लोगों की नौकरियां जा रही है। 

    केंद्र सरकार पूरी तरह से पूंजीपतियों की गोद में खेल रही है़,जिससे मजदूरों के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। संयुक्त मोर्चे के नेता शान मोहम्मद, जफर अहमद और महेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार आज पूरी तरह से हर मोर्चे पर विफल नजर आ रही है़। जिसका ताजा उदाहरण निजी ट्रेन तेजस का संचालन बंद होना है। तीनों नेताओं ने केंद्र की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि आर्डिनेंस फैक्ट्रियां जो देश की सुरक्षा की सजग प्रहरी हैं। उनको भी निगमीकरण के नाम पर पूंजीपतियों को सौंपना चाहती है़। जो देश की सुरक्षा के साथ सेना के लिए बहुत ही घातक कदम सिद्ध होगा। जिसका हर स्तर से विरोध किया जाएगा। विरोध-प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से समीर बाजपेई, अरविंद राठौर उर्फ राजा, जफर अहमद, रोहित तिवारी, रवि द्विवेदी, योगेंद्र चौहान, वेद प्रकाश अग्निहोत्री, अब्दुल सलीम,मोहम्मद अफजाल, राम कुमार,संजय गुप्ता, नीरज सिंह, सुनील यादव, रामबाबू,विजय पाल, एहसान हुसैन, नसरत अली आदि मौजूद थे।

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