-->

ad

पात्र लाभार्थियों को लेखपालों द्वारा बिना जांच के किया गया अपात्र 

पात्र लाभार्थियों को लेखपालों द्वारा बिना जांच के किया गया अपात्र 


ब्यूरो चीफ़ अंकुल गिरी


  लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री आवास योजना में जमकर हो रहा भ्रष्टाचार सर्वेयरों के साथ साथ लेखपालों ने जांच के नाम पर की जमकर अवैध वसूली जिसने पैसा दे दिया उसे कर दिया गया बिना जांच के पात्र, जिसनें पैसा नहीं दिया उसे कर दिया गया अपात्र वो भी बिना जांच के इस गंदे खेल में बहुत सारे विभागीय अधिकारी हैं शामिल, जिनके सह पर खेला जा रहा है खेल. गंगोत्री नगर मोहल्ले की रश्मि मौर्या पत्नी मुकुट बिहारी मौर्या जो पात्र लाभार्थी थी उन्हें अपात्र कर दिया गया. इसी तरह पत्रकार विशाल भारद्वाज जो मोहल्ला गोकुलपुरी में रहते हैं उनको भी अपात्र कर दिया गया. उनका कहना है कि किस तरह से अपात्र किया गया ना कोई जांच करने आया ना कोई गया क्या यह दौलत रोटी कलम का खेल है जो पात्र था वह अपात्र हो गया अपना दर्द बयान करती हुई गोकुलपुरी की चंद्रपति ने बताया कि मैं भी लेखपाल की भ्रष्ट कार्यशैली के कारण आपात हो गई हूं इस खेल में नायब तहसीलदार कानूनगो सभी सम्मिलित हैं.


   उक्त जानकारी के संबंध में जब कानूनगो से जानकारी चाही तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए यह कहा आप जानकारी नायब तहसीलदार से करलो जब आपकी समस्या का समाधान हो जाएगा तो आकाओं के हुक्म का पालन करते हुए  नायब तहसीलदार से फोन द्वारा पुछा गया कि बिना जांच के लाभार्थी को अपात्र कैसे कर दिया गया तो उन्होंने सही जवाब न देते हुए फोन काट दिया इससें साफ जाहिर होता हैं कि कहीं न कहीं इस भ्रष्टाचार मे नायब तहसीलदार की भी मिलीभगत हैं अगर प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच किसी बड़े अधिकारियों द्वारा जांच हो तो लेखपाल से लेकर कई विभागीय अधिकारियों की गर्दन फसेगी लेकिन गर्दन फंसने नहीं दी जाएगी दाम लिया है सब राजी खुशी हुआ है नीचे से ऊपर पैसा पहुंचाया गया है लेखपाल महोदय तो मजिस्ट्रेट से कम नहीं घर बैठकर जो चाहे वह फैसला कर दें उनके हुक्म का शिकार हुए तीन पात्र लाभार्थी जो आपात्त कर दिए गए न्याय के लिए जाएं तो जाएं कहां और भी हजारों पात्र लाभार्थियों को बिना जांच के अपात्र किया गया या फिर ये कहा जाए की जिन गरीब पात्रों ने पैसा नहीं दिया उनको पात्र से अपात्र कर दिया गया और  कुछ लोगों की बिना जांच किए घर बैठकर पात्र से अपात्र कर दिया और जिसनें पैसा दे दिया उनको पात्र कर दिया गया अब देखना यह  दिलचस्प हो गया है कि क्या  शासन प्रशासन संज्ञान में लेकर दुबारा जांचकर पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास  योजना का लाभ दिला पाएगा और संबंधित लेखपाल पर कोई कार्यवाही करेगा जो भी हो ये तो वक्त बताएगा.


0 Response to "पात्र लाभार्थियों को लेखपालों द्वारा बिना जांच के किया गया अपात्र "

टिप्पणी पोस्ट करें

Ad

ad 2

ad3

ad4